ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भगवान श्रीराम की आरती उतारी

Oct 11 2024

ग्वालियर। विनय न मानत जलधि जड़, गए तीन दिन बीत। बोले राम सकोप तब भय बिन होय न प्रीत। श्रीराम समुद्र देवता की आराधना करते हंै। तीन दिन तक आराधना करने के बाद जब समुद्र देवता रास्ता नहीं देते हैं तो श्रीराम क्रोधित होकर समुद्र देवता को सुखाने के लिए जैसे ही धनुष चलाते हैं तभी समुद्र देवता प्रकट हो जाते हैं। फूलबाग रामलीला में यह दृश्य देख दर्शक रोमांच से भर गए। रामलीला में मंचन के दौरान उन्होंने रामेश्वर की स्थापना, विभीषण का त्याग तथा अंगद रावण संवाद पर विस्तृत प्रकाश डाला। 
श्रीरामलीला समारोह समिति के मुख्य संरक्षक ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने राज परिवार के साथ उपस्थित थे। उन्होनें भगवान श्रीराम की आरती उतारी एवं श्रीराम की लीला का दर्शन किया। 
इस अवसर पर विष्णु प्रसाद गर्ग, राधेश्याम भास्कर, सत्य कुमार मिश्रा, विजय गोयल, रमेश अग्रवाल, उमाशंकर सोनी, रमेश चौरसिया, राजकुमार गुप्ता, रामनारायण मिश्रा, किशन मुदगल, रुचिका श्रीवास्तव, प्रियंका गर्ग, धमेन्द्र शर्मा मौजूद रहे।