प्रभु की शरण में जाओगे तो वह जरूर सुनेगा पुकार: पं. कपिल

Oct 08 2024

ग्वालियर। जब संसार में कोई भी हमारी मदद नहीं करता तो सिर्फ एक ही रास्ता बचता है वो है भगवान की शरणागति होना। जब हम प्रभु की शरण में जाकर खुद को समर्पित कर देते हैं, तो वह हमारी पुकार जरूर सुनता है। यह विचार पं. कपिल कृष्ण ने शताब्दीपुरम में आयोजित श्रीराम कथा के दौरानव्यत किए। इस अवसर पर सीएसपी आयुष गुप्ता के हाथों से वीकेयर संस्था के पदाधिकारियों ने रेडक्रॉस को मेडिकल उपकरण एवं बच्चों के कपड़े सेवार्थ दान किए गए। 
पं. कपिल महाराज ने कहा कि संसार में सारे रिश्ते नाते झूठे हैं। संसार में कोई किसी का नहीं है। महाभारत का द्रोपदी का जबदुशासन ने चीरहरण किया तो वह मदद के लिए चीख पुकार करती रही। जब किसी ने उसकी पुकार नहीं सुनी तो उसने हाथ से पकडक़र साड़ी को खींचने से रोकने की कोशिश की, लेकिन जब वह रोक नहीं सकी तो उसने खुद को गोविंद का शरणागति कर हाथ उठा दिए और भगवान श्रीकृष्ण ने द्रोपदी का चीर बढ़ाकर उसकी लाज बचा ली। 
इस अवसर पर वी केयर संस्था के सचिव भास्कर शर्मा ने कहा कि कोरोनाकाल में सबने मिलकर काम किया था, इसलिए कोरोना से जंग जीत पाए।