सबसे बड़ा संतोष धन:पं कपिल

Oct 07 2024

ग्वालियर। भगवान जिसको दुख देना चाहते हैं उसकी बुद्धि पहले ही कर लेते हैं भगवान बहुत प्रेम करती थी लेकिन लीला के लिए भगवान से बाहर आकर दिया जिसकी वजह से उसने राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांग लिया। यह विचार पं कपिल कृष्ण ने शताब्दीपुरम स्थित दंदरौआ धाम मंदिर में वी केयर एनजीओ द्वारा आयोजित हो रही श्री रामकथा के दौरान व्यक्त किए। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
पं कपिल कृष्ण ने रामकथा का सरस बखान करते हुए कहा कि सीता माता विवाह के तुरंत बाद श्रीराम के साथ खुशी से कष्ट भोगने चली गई लेकिन उन्होंने कभी अपनी मन की व्यथा को व्यक्त नहीं किया। जबकि आजकल बहू बेटी छोटी छोटी बात पर खिन्न हो जाती हैं। जैसा हम व्यक करते हैं वैसा ही घटित होने लगता है। जीवन में संतोष से बढक़र कोई चीज नहीं है। जब मन में संतोष आ जाता है तो जीवन आनंदित होने लगता है।
उन्होंने कहा कि देवी लक्ष्मी सदा भगवान के चरण दबाती रहती हैं। जो भगवान के चरणों में आशक्ति कर लेता है उसका जीवन निष्काम हो जाता है। कथा परीक्षित साधना राजीव कोठारी, एसएन शुक्ला सहित अनेक गणमान्य लोगों ने श्रीराम की आरती की।