संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया को ज्ञापन सौंपा

Oct 06 2024

ग्वालियर। संविदा आउट सोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह एवं संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष धर्मवीर शुक्ला के नेतृत्व में जिला चिकित्सालय मुरार में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। 
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को ज्ञापन द्वारा राष्टीय स्वास्थ्य मिशन के अधीन विगत कई वर्षों तक संविदा कर्मचारियों के रूप में सेवाएं दे चुके संविदा सपोर्ट स्टाफ कर्मचारियों को शासन प्रशासन की दोहरी नीति के कारण आउटसोर्स ठेका प्रथा में शामिल किए कर्मचारियों विभाग में समक्ष रिक्त पदों पर नियमित किया जाए, विगत कई वर्षों से आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में सेवाएं दे रहे सपोर्ट स्टाफ डाटा, एंट्री ऑपरेटर, वार्ड आया, वार्ड बॉय, सफाई कर्मी, सिक्योरिटी गार्ड, (चौकीदार) ऑक्सीजन टेक्नीशियन, अन्य सभी आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए शासन द्वारा नीति बनाई जाए एवं उन्हें न्यूनतम 21000 वेतन दिया जाए।
आउटसोर्स कर्मचारी के लिए शासन द्वारा 16132 रुपए प्रतिमाह  अनुसार बजट दिया जाता है लेकिन अधिकारियों एवं आउटसोर्स कंपनियों की कमीशन खीरी के वजह से पिछले वर्षों से मात्रा 5500-9000 रू तक दिए जा रहे है जिससे आउटसोर्स कर्मचारी की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। प्रदेश के कई जिलों में 3-4 प्रसूति गृह मुरार में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी को शासन द्वारा निर्धारित दर अनुसार भुगतान नहीं हो जा रहा है, साथ ही ईपीएफ एवं बीमा काटोत्रा भी नहीं किया जा रहा है। इसी तरह सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा विगत 5 वर्षों से आउटसोर्स कर्मचारी को कम भुगतान किया जा रहा है, लिहाजा आउटसोर्स कंपनियों के अनुबंध की शर्तों का पता लगाया जाए। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी को दीपावली पर बोनस का भुगतान किया जाए, इसके लिए बजट का प्रावधान किया जाए। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन से मुख्य अस्पताल अधीक्षक कार्यालय में आउटसोर्स कर्मचारी अटैच किए गए हैं, जिसकी वजह से अस्पतालों का कार्य प्रभावित हो रहा है। जबकि इन कार्यालयों में एक भी आउटसोर्स कर्मचारी पद स्वीकृत नहीं है। कर्मचारी नेताओं ने मांग रखी है कि शासन की योजना अनुसार आउटसोर्स पर नियुक्त कर्मचारियों को बगैर जांच के हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। माननीय श्रीमंत सिंधिया जी द्वारा कर्मचारियों के ज्ञापन पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।