कुप्रभाव डालता है कुसंग: पं कपिल

Oct 06 2024

ग्वालियर। कुसंग में रहकर उसके कुप्रभाव से बचना नामुमकिन हैं इसलिए कुसंग में रहने की गलती कभी न करें।अन्यथा कुसंग में पढक़र आपके साथ कुछ ऐसा होगा जिसका पछतावा जीवन भर करना पडेगा। यह विचार पं कपिल कृष्ण महाराज ने शताब्दीपुरम स्थित दंदरौआ धाम मंदिर पर श्री रामकथा का सरस प्रवाह करते हुए व्यक्त किए।
पं कपिल ने राम वनवास की कथा में खासतौर पर मंथरा के चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि कैकयी राम से बहुत प्रेम करती थी और राम भी कैकयी से बहुत प्रेम करते थे लेकिन मंथरा की कुसंगति से कैकयी अपने पुत्र भरत से भी प्रिय राम को चौदह वर्ष के लिए वनवास भेज दिया।  पं कपिल ने कहा कि आजकल बच्चे कुसंग में फंसकर अपने भविष्य को बर्बाद कर रहे हैं। इसलिए सत्संग बुढापे में नहीं बचपन से ही करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राम ने अपने पिता से एक बार भी नहीं पूछा कि आप तो मेरा राज्याभिषेक कर रहे थे तो मुझे वनवास क्यों भेज रहे हो। जो बच्चे  बिना किंतु परंतु के अपने माता पिता की आज्ञा का पालन करते हैं वे निश्चित तौर पर महान बनते हैं। इस अलसर पर समिति के अध्यक्ष भगवान राम की आरती की।