कपड़े के थैलों का वितरण कर एनएसएस ने दिया स्वच्छता संदेश

Oct 03 2024

ग्वालियर। स्वास्थ एवं पर्यावरण के लिये प्लास्टिक एक दानव के समान है। इस प्लास्टिक रूपी दानव को हम प्लास्टिक का उपयोग न करके समाप्त कर सकते हैं। प्राचीन काल में भी प्लास्टिक का उपयोग नहीं होता था जिसके स्थान पर कपडे के थैलों का इस्तेमाल किया जाता है। माधव महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा कपडे के थैले का वितरण कर प्लास्टिक का उपयोग न करने का कार्य किया गया। कपड़ा जीव जन्तुओं एवं प्रकृति को भी नष्ट नहीं करता और कुछ समय बाद स्वत: ही नष्ट हो जाता है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्राचार्य माधव महाविद्यालय डॉ. मनोज अवस्थी, डॉ. संजय कुमार पाण्डेय, डॉ. विकास शुक्ला उपस्थित थे।
स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता की थीम पर स्वच्छता पखवाडा 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक मनाया गया। इस पखवाडे में माधव महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा स्वच्छता का संदेश देने के लिये विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों की श्रृंखला में कपडे के थैले का वितरण हनुमान चौराहे के आस-पास दुकानदारों, ठेले वालों को कपडे के थैले वितरित कर प्लास्टिक के थैलों का इस्तेमाल न करने का आग्रह किया। प्लास्टिक खाने से जीव जन्तु समय से पहले ही काल के गाल में समा जाते हैं। मनुष्य के लिए भी प्लास्टिक में घर की चीजें लाना हानिकारक होता है। इसके लिये एनएसएस माधव महाविद्यालय ने स्वच्छता अभियान में कपडे के थैले वितरण का कार्य किया।
कार्यक्रम में आशुतोष पालीवाल, कु. रौनक द्विवेदी, कु. दिया अग्रवाल, कु. अंजली कुशवाह, कु. भूमिका प्रजापति, नकुल शर्मा, शिवम गोडयाले, करण तोमर, रोहन अरोरा, आशिक जाट, कृष्णा बरैया, सोमिन खान, रितिक घोरपडे, आदि लोग उपस्थित थे।