पहले दिन शिव-पार्वती संवाद, नारद मोह की लीला का मंचन हुआ

Oct 04 2024

ग्वालियर। श्री रामलीला समारोह समिति द्वारा आयोजित रामलीला समारोह शुभारंभ प्रशांत मेहता आईएएस के मुख्य आतिथ्य में रामलीला का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर शांति के प्रतीक रंग-बिरंगे गुब्बारें छोड गये आतिशवाजी कर भगवान की आरती उतारी गई। 
पहले दिन के मंचन में शिव-पार्वती संवाद, नारद मोह की लीला का मनमोहक मंचन किया गया। जिसमें नारद जी भ्रमण करते हुए एक स्थान पर पहुचते है और ध्यान लगाकर तपस्या में लीन हो जाते है। उनकी तपस्या से इन्द्र का सिंहासन हिल उठता है। जिससे वह भयभीत होकर कामदेव तथा अप्सराओं को लेकर नारद मुनि की तपस्या भंग करने पहुचते हैं। लेकिन कामदेव तथा अन्य अप्सराए उनकी तपस्या को भंग नहीं कर पाते और कामदेव त्राहीमाम-त्राहीमाम करते हुआ नारद मुनि के चरणो में गिर पड़ते है। नारद मुनि को लगता है कि उन्होने बड़ा काम किया है। उन्हें अभिमान आ जाता है। 
सभी लोग भगवान विष्णु से सहायता मांगते है तथा श्री विष्णु, मुनि के अभिमान को तोडऩे के लिए लीला रचते है। नारद मुनि को विवाह करने की इच्छा होती है और वे विष्णु से हरि रूप मांगते है। वे कहते है कि मै वहीं काम करूंगा जो तुम्हारे हित में होगा और वे उन्हें वानर का रूप प्रदान करते है। जिससे वे स्वयंवर में हॅंसी का पात्र बन जाते है और भगवान विष्णु राजकुमारी से विवाह कर ले जाते है। जिससे नारद जी क्रोधित होते है और वे विष्णु को शाप देते है कि तुम भी एक दिन नारी के लिए तड़पोंगे और तब ये वानर रूप जो आपने मुझे दिया है वे ही तुम्हारे काम आयेगा। 
इस इवसर पर अध्यक्ष विष्णु प्रसाद गर्ग, राधेश्याम भाकर, सत्य कुमार मिश्रा, विजय गोयल, रमेश अग्रवाल, उमेश सोनी, रमेश चौरसिया, राजकुमार गुप्ता, रामनारायण मिश्रा, गुड्डू वारसी, रामसुन्दर, विजय गर्ग, सोनी, आनंद सावंत, सुरेन्द्र शर्मा, डॉ. नरेश देव, श्रीमती रुचिका श्रीवास्तव, प्रियंका गर्ग, मोहन सिंह चौहान, जितेन्द्र जैसवाल, विशाल जैन, मनीष बांदिल, धर्मेंद्र शर्मा, विनोद गोयल, नंदकिशोर आदि मौजूद रहे।