भागवत गीता उद्देश्य और विज्ञान पर व्याख्यान

Sep 28 2024

ग्वालियर। माधव इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस कॉलेज में  प्रदीप भालचंद्र लघाटे ने द भागवत क्लब द्वारा आयोजित कार्यक्रम ज्ञानामर्त जिसमें आनंदमय जीवन के लिए उपनिषद ज्ञान की आवश्यकता का विधार्थियों को उल्लेख कर, उपनिषद के अंतर्गत धर्म, अर्थ, काम, एवं मोक्ष का विस्तार पूर्वक वर्णन करते हुए छात्र एवं छात्राओ को समझाया की भारत की जीवन शैली में धर्म के बन्धनों को (न्याय-नीति) स्वीकार करके, अर्थ और काम पुरुषार्थ के द्वारा दूसरों का मार्ग अवरुद्ध किये बगैर अपना जीवन शांति और प्रसन्नता के साथ कर्तव्यमार्ग पर चलते हुए बिताना तो है ही, साथ ही साथ जन्म: मरण के दुष्चक्र से मुक्त होकर पूर्ण स्वतंत्र जीवन की भी कल्पना मोक्ष नामक पुरुषार्य में है।
इसी प्रकार प्रदीप ने ये भी उल्लेखित किया कि कैसे हमारा जीवन केवल मृत्यु की प्रतीक्षा एवं नवीन जन्म के उल्लास में सीमित ना होकर के एक चक्र में बंधा हुआ है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत नोबेल इंगेजिंग कोर्स में पढ़ाई जाने वाले भागवत गीता एक परिचय के अंतर्गत हुआ था। कार्यक्रम के संयोजक डॉ चंद्रशेखर मालवी विभाग अध्यक्ष मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट थे। कार्यक्रम में डॉ एमके गौड़ ऋषभ, स्वाति माथुर, डॉ ज्योति विमल के साथ लगभग 100 लोग उपस्थित थे। यह जानकारी संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश मौर्य ने दी।