भागवत सुनने एवं कराने से मानव सद्गति प्राप्त करता है

Sep 26 2024

ग्वालियर। सिद्धपीठ गंगादास की बड़ी शाला के पीठाधीश्वर स्वामी राम सेवकदास महाराज के सानिध्य में श्रीमद् भागवत कथा एवं तर्पण प्रारम्भ हुआ।
वृंदावन धाम से पधारी कथा व्यास दीदी सरस्वती पूर्णिमा ने कहा कि श्रीमद् भागवत में वो बल है जो समस्त ज्ञात अज्ञात पापी दुरात्मा योनि में पड़े हुए पितरों को मोक्ष प्रदान करती है। अजामिल एवं धुंधकारी इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।
भागवत  में कहा गया है कि यह प्रेत पीड़ा विनाशनी है। कहा जाता है कि सिद्ध स्थान पर किया गया कोई भी कार्य हजारों गुना फल देता है, चूंकि यह सिद्धपीठ गंगादास  की बड़ी शाला में 700 वर्षों से अखंड भजन पूजन सेवा चल रही है जिस कारण प्रत्येक तीर्थ के समान फल प्राप्त होता है।
पितृ पक्ष में तर्पण न केवल पितरों के लिए होता है बल्कि देवताओं, ऋषियों, सिद्ध पुरुषों के लिए किया जाता है जो समस्त पुण्यों को देने वाला होता है।
प्रथम दिन की आरती में श्रीमती ममता सुशील कटारे, श्रीमती सीमा समाधियां, श्रीमती कृष्णा नागर, श्रीमती प्रीति राधा रमण कटारे, प्रशांत कटारे, शिवम् तिवारी आदि समस्त भक्त आरती में शामिल हुए।