एनसीसी ओटीए में हुई पिपिंग सेरेमनी में 126 प्रशिक्षार्थियों को दिए गए रैंक

Sep 25 2024

ग्वालियर। एनसीसी ओटीए परिसर में बुधवार को पिपिंग सेरेमनी हुई है। सेरेमनी में पहले दीक्षांत परेड की गई। इसके बाद एनसीसी के ब्रिगेडियर कमांडेंट जितेंद्र शर्मा ने 126 प्रशिक्षार्थियों को भव्य पिपिंग सेरेमनी में रैंक प्रदान किए। साथ ही अधिकारी द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के समक्ष शपथ दिलवाई गई जिसके तहत सभी प्रशिक्षार्थियों ने एनसीसी के नियमों पर अमल करने की शपथ ली।
एनसीसी ओटीए रैंक लेने वाली मधुबाला ने बताया कि वह 2 साल से नवेल बिंग को कमांड कर रही हैं। ग्वालियर एनसीसी ओटीए में ट्रेनिंग लेने के लिए वह काफी समय से इंतजार कर रही थी। मुझे यहां पर बहुत कुछ सीखने को मिला है। मुझे अपने आप पर बहुत गर्व हो रहा है। मैं आखिरकार अफसर बन गई हूं। मुझे आज बहुत खुशी हो रही है। 
ब्रिगेडियर कमांडेंट जितेंद्र शर्मा ने बताया कि ग्वालियर एनसीसी ओटीए की स्थापना के दो उद्देश्य है। एक एनसीसी एसोसिएट, एनसीसी कैंडिडेट को ट्रेनिंग देना। और उसके साथ एक और जो बड़ा उद्देश्य है वह विमिन अंपायरमेंट है हमारे सीसी में पूरे देश भर से 126 एनसीसी एसोसिएट कैंडिडेट प्रशिक्षण लेने आई थी। यह कैंडिडेट देश भर के 17 जगह से आए हैं। यहां पर आकर इन्होंने 45 दिन की कड़ी ट्रेनिंग ली है, जिसका नतीजा है वुमन, नारी शक्ति किस तरह से आगे बढ़ रही है।
पिपिंग सेरेमनी में कनिष्ठ स्कन्ध की मेरिट कम में प्रथम होने पर कमांडेंट का स्वर्ण पदक राजस्थान निदेशालय की केयर टेकर अफसर अनिता मीना को प्रदान किया गया। कोर्स में सर्वश्रेष्ठ एएनओ होने के लिए एनसीसी महानिदेशक ट्रॉफी एनईआर निदेशालय की केयर टेकर अफसर बदप कायरेह नोंगकसेह को प्रदान किया गया। एनसीसी विषयों में सर्वश्रेष्ठ एएनओ होने के लिए शर्मा कप एनईआर निदेशालय की केयर टेकर ऑफिसर हूमिलिटी रक्षा मिंज को प्रदान किया गया। विशेष कौशल प्रदर्शन के लिए कमांडेंट का स्वर्ण पदक जम्मू एवं कश्मीर निदेशालय की केयर टेकर ऑफिसर मधु बाला को प्रदान किया गया।
नेतृत्व विशेषता में प्रथम होने के लिये कमांडेंट का स्वर्ण पदक महाराष्ट्र निदेशालय की थर्ड ऑफिसर प्रतिदन्या प्रभाकर मायकर को प्रदान किया गया। ड्रिल में सर्वश्रेष्ठ एवं परेड को कमान करने के लिए कमांडेंट का स्वर्ण पदक एनईआर निदेशालय की थर्ड नओरेम ऑफिसर बिंदया देवी को प्रदान किया गया। चैम्पियनशिप बैनर अहिल्याबाई कंपनी को प्रदान किया गया जिसे राजस्थान निदेशालय की अंकिता पंवार को मिला।