मध्यभारतीय हिन्दी साहित्य सभा की मासिक इंगित कथा गोष्ठी सम्पन्न

Sep 23 2024

ग्वालियर। मध्य भारतीय हिन्दी साहित्य सभा लश्कर के तत्वावधान में इंगित कथा गोष्ठी साहित्यकार श्यामसुंदर सुब्रह्मण्यम (तमिलनाडु) के मुख्य आतिथ्य एवं साहित्यकार राजकिशोर बाजपेई की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। गोष्ठी की विशिष्ट अतिथि ग्वालियर अंचल की साहित्यकार डा. मंजूलता आर्य रहीं। कथा गोष्ठी में आमंत्रित अतिथियों के अतिरिक्त लगभग बारह कथाकारों ने अपनी भावपूर्ण कहानियों का वाचन किया।
जिसमें संजय खान ने आयात निर्यात, अशोक सिरढोणकर आसू ने दान का दिया, राजेश अवस्थी लावा ने होते सोई जो राम रचिराखा, रमेश निर्झर ने मैरा गांधी रोड रहा है, डा.कमलाशंकर मिश्र ने ताई का पालना, दिलीप मिश्रा ने लावारिस, डा. सुखदेव माखीजा ने गोपनीय परीक्षा, डा. दिनेश पाठक ने आस्था की मिशाल, डा. मंजूलता आर्य ने घी की कचोरी, डा. संगीता गुप्ता ने दस बीघा, डा. श्यामसुंदर सुब्रह्मण्यम ने लालच, तथा राजकिशोर बाजपेई ने गर्भीली चपरासिन नामक कहानियों का वाचन कर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। 
गोष्ठी में डा. दिनेश पाठक, रामचरण चिराड़ रुचिर,  दिलीप मिश्र एवं डा कमलाशंकर मिश्र, उपेन्द्र कस्तूरे आदि उपस्थित रहे।