कुलपति ने विश्वविद्यालय को समर्पित कर प्रस्तुत किया सितार वादन

Sep 21 2024

ग्वालियर। कला रसिकों से भरा तानसेन सभागार जिस पर बजती अलग-अलग राग और तालों में शास्त्रीय गायन और वादन की मधुरम प्रस्तुतियां। मौका था राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में आयोजित किए गए विष्णु द्वय स्मृति समारोह का। पं. विष्णु नारायण भातखंडे एवं पं. विष्णु दिगंबर पलुस्कर की पावन स्मृति में आयोजित हुए इस संगीतमय कायर्क्रम को कुलपति प्रो. साहित्य कुमार नाहर नेे सितार वादन के साथ गायन की अद्भुत प्रस्तुतियां देकर मंच, सभागार और कायर्क्रम की मधुरता में चार चांद लगा दिए। 
उन्होंने अपनी प्रस्तुतियां विश्वविद्यालय को समपिर्त करते हुए पहले सितार वादन प्रस्तुत किया, जिसमें राग पूरिया कल्याण में आलाप, जोड़, जोड़ झाला, विलंबित तीनताल, मध्यलय तीन ताल के बाद राग मिश्र खमाज में एक धुन पेश की। अंत में राग मिश्र खमाज में वैष्णव जन तो तेरे कहिए... की अद्भुत प्रस्तुति दी। 
 कार्यक्रम में एक और खास बात रही कि कुलपति प्रो (पं) साहित्य कुमार नाहर का विदाई सम्मान समारोह भी विश्वविद्यालय परिवार द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि भावी कुलपति प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे रहीं। कायर्क्रम में उप्र संगीत नाटक अकादमी के पूर्व निदेशक शोभित कुमार नाहर, चंद्रप्रताप सिकरवार, अशोक आनंद, अतुल अधौलिया, दिनेश पाठक प्रो. राकेश कुशवाह, डॉ. आशुतोष खरे, डॉ. अंजना झा, डॉ मनीष करवड़े, डॉ. संजय सिंह, डॉ. एसके मैथ्यू, डॉ. श्याम रस्तोगी, विनोद शर्मा, विवेक पांडेय, योगेश शर्मा, कुलदीप पाठक सहित समस्त शिक्षक, संगतकार, कमर्चारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कायर्क्रम का संचालन डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने किया।