स्वार्थी मित्रों से दूर रहें: घनश्याम शास्त्री

Sep 18 2024

ग्वालियर। सिकन्दर कंपू स्थित नेताजी गार्डन में गौरवशाली सामाजिक सस्था व गौरवशाली भागवत कथा सेवा समिति के द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में भागवताचार्य पं. घनश्याम शास्त्री महाराज ने कहा कि हमेशा स्वार्थी मित्रों से दूर रहना चाहिए। ऐसा मित्र जो वचन देने पर भी पुरा ना करें ऐसे मित्रों को से दूरी बना लेना चाहिए। 
केवल खुद का स्वार्थ देखें दूसरे मित्र से कोई लेना देना नहीं है उसका बुरा हो अच्छा हो केवल अपना भला देखने बाला ऐसे मित्रों से हमेशा दूरी बना कर रखना चाहिए। कृष्ण और सुदामा जैसे मित्र दुर्लभ है, लोग देखते हैं कि हमारा मित्र अमीर है लोग मित्रता करना प्रारंभ कर देते हैं गरीब से कोई मित्रता करता नहीं है। शास्त्री ने बताया की मित्रता कैसे निभाई जाए यह भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा जी से समझा जा सकता है। सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र कृष्ण से मिलने के लिए द्वारिका पहुंचे। सुदामा को द्वारिकाधीश के द्वारपालों ने भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया। 
तब उन्होंने कहा कि वह कृष्ण के मित्र हैं, इस पर द्वारपाल महल में गए और प्रभु से कहा कि कोई उनसे मिलने आया है। अपना नाम सुदामा बता रहा है। जैसे ही द्वारपाल के मुंह से उन्होंने सुदामा का नाम सुना सुदामा सुदामा कहते हुए तेजी से द्वार की तरफ भागे। सामने सुदामा सखा को देखकर उन्होंने उसे अपने सीने से लगा लिया। दोनों की ऐसी मित्रता देखकर सभा में बैठे सभी लोग अचंभित हो गए। कृष्ण ने सुदामा को अपने राज सिंहासन पर बैठाया। उन्हें कुबेर का धन देकर मालामाल कर दिया। जब भी भक्तों पर विपदा आई है। प्रभु उनका तारण करने अवश्य आए हैं। 
कृष्ण सुदामा मित्रता चित्रण के अवसर पर श्रीमद् भागवत भगवान की  कथा परीक्षित रुचि नितिन डोगरा, शिल्पा डोगरा,डॉ. जितेन्द्र सिंह राजावत, श्रीमती तृप्ति भटनागर, श्याम श्रीवास्तव, इंजी. विजय शर्मा, दिनेश शर्मा, श्रीमती रीता डोंगरा, श्रीमती सुनीता नरूला, ममता कुशवाह, नरेन्द्र चौहान, यशपाल कपूर, श्रीमती सीमा समाधिया, हरीओम शर्मा, आदित्य भार्गव, लोकेन्द्र भार्गव, निमिष, भावेश डोगरा आदि ने आरती की।