सही उम्र में सही गुरु के मिलने से जीवन हो जाता है सफल

Sep 13 2024

ग्वालियर। सही उम्र में सही गुरु के मिलने से जीवन सरल और सफल हो जाता है। मनुष्य के जीवन में प्रथम गुरु माता-पिता ही होते हैं। माता-पिता के आशीर्वाद से जीवन में अचानक तरक्की प्राप्त हो जाती है। राधा ने कृष्ण की भक्ति करने के बाद भी बिना गुरु के कृष्ण को नहीं पा सकीं, वे गुरु बनाकर ही कृष्ण को पा सकीं। यह विचार पं. पंकज कृष्ण शास्त्री ने बाई साहब की परेड में आयोजित खाटू श्याम मंदिर के 13वें वार्षिक महोत्सव में नवग्रह की कथा सुनाते हुए व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि अगर आपको जीवन कोई श्रेष्ठ गुरु नहीं मिल पाया है तो जिस भगवान को आप मानते हैं उनका मंत्र उच्चारण करके गुरु की सेवा प्राप्त कर सकते हैं। जिसने जीवन में राहू, केतू को नहीं पहचाना उसने अपने जीवन को नष्ट किया है। 
वहीं दूसरी कथा में बृंदावन से आई सुश्री पूर्वी व्यास ने प्रहलाद की कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान सिर्फ मन का श्रृंगार देखते हैं, तन का श्रृंगार तो मनुष्य देखता है। अहंकार की दवाई आजतक मेडिकल साइंस नहीं बना पाया। अहंकार को वश में करने के लिए गणेश जी की उपासना जरूरी है, क्योंकि गणेश जी ने हाथी जैसे विशालकाय जीव का भी अहंकार दूर कर दिया था। बुधवार की रात को राधा अष्टमी का महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिर के पुजारी राजू रेनवाल द्वारा वहां मौजूद श्रद्धालुओं को राधा रानी का श्रृंगार प्रसाद रूप में वितरित किया गया।