जो भाग्य बदल दे वह भागवत कथा: पं. घनश्याम शास्त्री

Sep 11 2024

ग्वालियर। गौरवशाली सामाजिक संस्था के द्वारा श्रीमद् भागवत कथा में कलश यात्रा का आयोजन हुआ, सभी माताए कलशो को अपने सिर पर रख करके कथा स्थल पर पहुंची उसके बाद में भागवत आचार्य पं. घनश्याम शास्त्री महाराज ने कथा कहना प्रारंभ किया।
घनश्याम शास्त्री ने कहा कि जो भाग्य बदल दे, उसे कहते हैं भागवत कथा। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से ही नारद जी की चिंता भी तत्काल प्रभाव से दूर हो गई थी। भागवत कथा ज्ञान, वैराग्य और भक्ति को पुष्ट करती है और जो भी मन में शंकाएं हैं, उन सभी शंकाओं का निर्मूल कर देती हैं। घनश्याम शास्त्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सूर्य देव को मालूम करने के बाद धुंधकारी का भागवत जी के माध्यम से उद्धार किया और उन्होंने मुक्त कंठ से भागवत के गुणगान किए। 
यह भागवत कथा गौरवसाली सामाजिक संस्था के द्वारा कराई जा रही है जिसका मुख्य उद्देश्य जन कल्याण है और इस कथा में प्रत्येक दिन स्वस्थ शिवर का आयोजन भी किया जा रहा है। इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष शिल्पा डोगरा, डॉ. जितेन्द्र सिंह राजावत, श्रीमती तृप्ती भटनागर, श्याम श्रीवास्तव, इंजी. विजय शर्मा, दिनेश शर्मा, श्रीमती रीता डोंगरा, नरेन्द्र चौहान, यश पाल कपूर, श्रीमती सीमा समाधिया, विनोद सप्रा, वासुदेव मिश्रा, प्रमोद नरवरिया, सुनील करन, कार्तिक रोहिरा, हरीओम शर्मा, आदिल्य भार्गव, लोकेन्द्र भार्गव, निमिष, भावेश डोगरा, गौरव वंसल, ऋषट तरसोलिया, पंकज जुनेजा, साकेत कुशवाह, रानी गौर, लक्ष्मी करन, अंजली नरवरिया, रेखा गम्भीर, पुष्पा कुशवाह, ऊषा बाथम, अलका सक्सेना, वंदना श्रीवास्तव, आशी प्रतिभा दुबे, अमृत डोंगरा, कृष्णा करन, पिंकी कुशवाह, नंदनी करण, हिमांशु करण आदि उपस्थित रहे।