तिघरा हुआ फुल सात गेट खोलकर 3000 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा

Sep 11 2024

ग्वालियर। चंबल में बीते 24 घंटे से हो रही झमाझम बरसात के कारण शहर को पेयजल की आपूर्ति करने वाला तिघरा बांध ने बुधवार 11 सितम्बर को अपना अधिकतम भराव बिंदु पार कर लिया इसके बाद मौके पर मौजूद जल संसाधन अमले ने बुधवार को 12 बजे सात गेट खोलकर लगभग 3000 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा। जैसे ही गेट खोलकर पानी छोड़ा तो मौके पर बड़ी संख्या में उपस्थित लोग खुशी में झूम उठे और पटिया वाले बाबा के जयकारे लगाकर गेट खुलने का स्वागत किया। पेयजल समस्या से जूझ रहे शहर के लोगों के लिए तिघरा के गेट खुलने की यह सूचना किसी उत्सव से कम नहीं थी। लिहाजा दोपहर बाद से ही झमाझम बारिश में शहर के लोगों का तिघरा पहुंचना शुरू हो गया। 
इसके पहले तिघरा के तीन गेट दो साल पहले 8 अक्टूबर 2022 को खोले गए थे। घाटीगांव स्थित कैचमेंट एरिया में हो रही बारिश के कारण तिघरा बांध का जल स्तर बीते रोज 738.35 फीट तक पहुंच गया था। बांध का लेवल एक फीट और बढऩे का इंतजार किया जा रहा था। बुधवार सुबह से हुई बारिश के बाद पानी का लेवल बढ़ता देख अधिकारियों ने इसकी सूचना ग्वालियर व मुरैना के प्रशासन सहित पुलिस को दी। 
इसके साथ ही आस-पास के गांवों में घूमकर अनाउंसमेंट भी कराया गया। वही बुधवार सुबह से ही तिघरा बांध पर लगे सायरन बजाकर वहां घूम रहे लोगों को भी अलर्ट किया गया। बुधवार को तिघरा बांध का लेवल 739 फीट के ऊपर पंहुचते ही सात गेटों को खोल दिए गए। तिघरा के गेट खुलने की खबर पाकर बड़ी संख्या में लोग सुहाने मौसम में तिघरा पहुंचना शुरू हो गए है। मौसम विभाग ने 12 व 13 सितंबर को पूरे ग्वालियर चंबल संभाग में भारी बारिश की संभावना जताई है।
ग्वालियर के 9 और मुरैना के तीन गांवों में अलर्ट 
तिघरा बांध के गेट खोलने से पहले ही निचले क्षेत्र में आने वाले गांव को अलर्ट जारी किया गया। इनमे ग्वालियर जिले के तिघरा, कैथा, तालपुरा, महिदपुर, पृथ्वीपुर, कुलैथ, अगरा, भटपुरा, दुगनावली, तिलघना सहित मुरैना जिले के ग्राम पहाड़ी, जखौदा, और बामोर गांव को अलर्ट किया गया है। इन सभी के आसपास के लोगों को सर्तक रहने और अपने मवेशियों को पानी के बहाव क्षेत्र में नही जाने के लिए कहा गया है।
गर्मी और पानी के संकट से मिली मुक्ति
रात से हो रही बारिश से गर्मी और तिघरा के लबालब होने पर शहर वासियों को जल संकट से मुक्ति मिल गई है। हालांकि इस बार प्रशासन ने पानी को सहेजने का प्लान बनाया है ताकि अगली गर्मियों में पानी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़े। तैयार की गई कार्ययोजना के मुताबिक आगामी त्यौहारों के चलते 15 नवंबर तक पानी की नियमित सप्लाई की जाएगी।