निगम उपयांत्रियों को हड़ताल एवं न्यायालय में जाने के लिए विभाग विवश न करें

Aug 31 2024

ग्वालियर। नगर निगम में उपयंत्रियों से मुक्त करने नगर निगम ग्वालियर में तात्कालीन आयुक्त द्वारा वर्ष 2016 में नगर निगम के जनकार्य विभाग में पदस्थ उपयंत्रियों को क्षेत्रीय कार्यालय पर क्षेत्राधिकारी के रूप में प्रशासकीय कार्य हेतु पदस्थ कर अपने मूल कार्यों जैसे निर्माण कार्य, भवन अनुज्ञा एवं स्थाई अतिक्रमण विरोधी कार्यवाहियां आदि तकनीकी कार्य सौंपे गये हैं। 
परन्तु बिना सहमति इच्छा के हमारे उपर जबरदस्ती अन्य समस्त विभागों के कार्यों जैसे साफ सफाई कार्य, जनकल्याणकारी योजनाएँ, जनमित्र केन्द्र अधिकारी, विद्युत आदि के अतिरिक्त गैर तकनीकी कार्य की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। जिसको लेकर पूर्व में भी अनेकों बार समय-समय पर पदस्थ तत्कालीन निगमायुक्त के समक्ष ज्ञापन के माध्यम से विरोध करने पर निगमायुक्त द्वारा गैर-तकनीकी कार्य हटाये जाने का आश्वासन दिया गया लेकिन आज दिनांक तक उक्त कार्यों के संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। जिससे कायों की अधिकता के कारण उपयंत्री अपने मूल कार्यों को कर नहीं पा रहे हैं तथा अत्याधिक व्यस्तता होने के कारण किसी भी कार्य पर ध्यान नहीं दे पा रहे है और कार्यों की पेंडेंसी लगातार बढ़ती जा रही है।
उपयंत्री को जो वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग, जनकल्याण एवं श्रम विभाग,जनमित्र केन्द्र (लोक सेवा केन्द्र) राजस्व विभाग, सम्पत्तिकर विभाग, न्यायालीनं व जांच के प्रकरण जैसे अनेकों कार्यों की वजह से होप यंत्री अपने मूल कार्यों को नहीं कर पा रहे हैं। इन सभी मांगों को लेकर के महापौर श्रीमती शोभा सिकरवार, सभापति मनोज सिंह तोमर को ज्ञापन सोपा गया है। साथ ही नगरी विकास एवं विकास विभाग मंत्रालय मध्यप्रदेश भोपाल, आयुक्त नगरी विकास एवं विकास विभाग संचालनालय भोपाल, संभागायुक्त ग्वालियर, कलेक्टर ग्वालियर, निगमायुक्त ग्वालियर को प्रतिलिपि भेजी गई है। 
ज्ञापन देते वक्त उपयंत्री तनुजा वर्मा, सुरुचि बंसल, विपिन दुबे, प्रकाश अहिरवार, सौरभ शर्मा, प्रगति गोस्वामी, छाया यादव, रामू सिंह सहित निगम के समस्त यूपीआई यंत्री उपस्थित थे।