संगीत एवं कला विश्वविद्यालय का 17वां स्थापना दिवस मनाया

Aug 22 2024

ग्वालियर। संगीत सम्राट तानसेन, बैजू बावरा, राजा मानिसंह तोमर जैसे महान संगीत साधकों व कला के महारथियों की भूमि ग्वालियर को कला साधक संगीत का तीर्थ भी मानते हैं। आज का दिन विवि की गौरवशाली परंपराआओं व उपलब्धियों को याद करने का अवसर है। यह अनुभवों से सीखकर भावी लक्ष्य को प्राप्त करने का समय है। अपने देश की गरिमा और प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास करें। आने वाली पीढ़ी को भारतीय परंपरा और संस्कृति के बारे में बार-बार बताते रहें ताकि वे हमारी गौरवशाली परंपरा को जान सकें, उसे मजबूत कर सकें और योग्य नागरिक भी बन सकें।
यह बात विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष और प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय का 17वें स्थापना दिवस समारोह के उद्घाटन सत्र की ऑनलाइन अध्यक्षता करते हुए कही।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरू प्रो. साहित्य कुमार नाहर ने की। इस दौरान कुलसचिव प्रो. राकेश कुशवाह ने विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन भी पढक़र सुनाया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय की विवरणिका व डॉ.पारूल दीक्षित द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन भी किया गया। इसके साथ ही विवि के उत्कृष्ट कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों द्वारा तानसेन इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट के स्थानीय कार्यालय का उद्घाटन विश्वविद्यालय परिसर में किया साथ ही ललित कला एवं फैशन विभाग के छात्रछात्राओं द्वारा लगाई जाने वाली कला प्रदशर्नी का भी अवलोकन किया। 
इस मौके पर मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश विस अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, विशिष्ट अतिथि धर्मेंद्र सिंह लोधी, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संस्कृति, पयर्टन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग मप्र शासन, सुवियात संगीतज्ञ एवं कलाकार पद्मश्री प्रो. मालिनी अवस्थी रहे। कार्यक्रम में प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे सहित श्रीधर पराडक़र, यशवंत इंदापुरकर, अशोक आनंद, चंद्रप्रताप सिकरवार, अतुल अधौलिया, अनीता करकरे, दिनेश पाठक मौजूद थे।