कलश यात्रा के साथ श्रीमद् मूलपाठ भागवत कथा प्रारंभ
Aug 20 2024
ग्वालियर। दाना ओली में सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा भक्ति ज्ञान यज्ञ कलश यात्रा के साथ शुरू किया गया। इसके पूर्व कलश यात्रा कथा हनुमान मंदिर बाड़ा से शुरू हुई। जहां करीब 51 महिलाएं और कन्याएं पीला वस्त्र धारण कर सिर पर कलश उठाए नगर भ्रमण में शामिल हुईं।
भागवताचार्य पंडित घनश्याम शास्त्री ने बताया कि में भागवत कथा और महायज्ञ के दर्शन और श्रवण मात्र से मनुष्य तो क्या प्रेतों का भी उद्धार हो जाता है और वे प्रेत योनि से बैकुंठ लोक को प्राप्त होते हैं। आचार्यजी ने कहा कि बहुत ही रोचक कथा है। आत्मदेव एक ब्राह्मण थे, जिन्हें कोई संतान नहीं था गुरु ने आशीर्वाद के रूप में उन्हें फल देकर पत्नी को खिलाने को कहा आत्मदेव ने पालतू गाय को खिला दिया, गाय से गोकर्ण की उत्पत्ति हुई। इधर धुंध हारी असुर रुप में हुई और वह फिर सुरधाम को प्राप्त हुए। गोकर्ण ने भागवत कथा श्रवण करा कर उन्हें प्रेत योनि से वैकुंठ लोक में ले गए।
संपादक
Rajesh Jaiswal
9425401405
rajeshgwl9@gmail.com
MP Info News
Invalid RSS feed URL.
ब्रेकिंग न्यूज़
विज़िटर संख्या
अन्य ख़बरें
-
-
-
*हेमू कालानी जन्मोत्सव मिष्ठान वितरण कर बनाया* *
—03/23/2019 -









