नन्द के आनंद भयो जय कन्हैयालाल की

Aug 10 2024

ग्वालियर। सिद्ध पीठ गंगादास की साला में स्वामी रामसेवक दास  महाराज के सानिध्य में श्रीमद भागवत कथा में आचार्य ने चतुर्थ दिवस में कृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाने से पहले बताया की इस धरती पर धर्म की स्थापना एवं भक्तो को आनंद देने की लिए प्रभु अवतार लेते है ओर इस धरा से दुष्टों का का विनाश कर भक्तों को अभय प्रदान कर देते है।
इसी प्रकार जब भक्त प्रह्लाद ने भगवान को पुकारा तो प्रभु अपने भक्त के लिए खम्ब में से प्रगट हो गए कथा में बताया की अगर माता पिता भी आप को धर्म के विमुख आचरण करने को कहे तो उनको भी त्याग देना चाहिए, यही धर्म शास्त्र कहते है।
राम जन्म की कथा का वर्णन करते हुए कहा की राम जी का जीवन हमें जीना सिखाता है राम चरित्र मानस सिखाती है की राम जैसा पुत्र राम जैसा भाई राम जैसा पति जीवन में हर कोई चाहता है। परन्तु यह तभी संभव है जब हर कोई जीवन में धर्म के मार्ग पर चले कथा के विश्राम में कृष्ण जन्म की कथा सुनाई भगवान की सुन्दर झांकी ओर ठाकुर जी को झूला झुलाया गया ओर बहुत सुन्दर बधाइयों का आनंद हुआ।