परेशान तो वह है जिसे दुनिया से लेना है, तुम तो वह बनो जिन्हें अपने में रहना है: माताजी

Jul 29 2024

ग्वालियर। दुनिया में हर व्यक्ति परेशान नजर आता है, लेकिन जैन दर्शन कहता हैं, परेशान तो वह हैं जिसे दुनिया से लेना है, हम तो वह हैं जिन्हें अपने में रहना है। जो हर परिस्थिति में आनंदित रहे, मोह माया की फिकर ही ना करे, वही फकीर होता है। दुनिया से चाह रखने की आदत छोड़ोगे, तभी प्रभु से मिलने की राह प्रशस्त होगी, यह उदगार आर्यिका पूर्णमति माताजी ने सिरोल चौराहा स्थित साक्षी एंक्लेव परिसर में धर्म सभा एवं आत्मबोध शिविर को संबोधित करते हुए दिए।
माताजी ने कहा वैसे तो हर रोज, प्रतिक्षण पुण्य कमाने का भाव बना रहना चाहिए, लेकिन फिर भी सप्ताह के 6 दिनों तक धन कमाने के बाद एक दिन तो पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ पुण्य कमाने के लिए निकालो। जितना समय तुम पुण्य कमाने में लगाओगे, उतने समय तक पाप के संचय से भी बचोगे, क्योंकि सांसारिक राग द्वेष के कार्यों में पाप का अर्जन होता है और प्रभु आराधना से पापों का विसर्जन होता है।