डॉ. रीता देव के अनूठे गायन ने रसिकों को मंत्र-मुग्ध किया

Jul 29 2024

ग्वालियर। संस्था रागायन द्वारा आयोजित पावस महोत्सव में पावस के सुरों की रिमझिम में रसिक खूब भीगे। लक्ष्मीबाई कॉलोनी स्थित सिद्धपीठ श्री गंगादास की बड़ी शाला में सजी इस सभा में दिल्ली से आईं विदुषी डॉ. रीता देव के अनूठे गायन ने रसिकों को मंत्र-मुग्ध कर दिया। खयाल के साथ ठुमरी कजरी और झूला गाकर उन्होंने पावस ऋ तु को साकार करने की कोशिश की।
सिद्धपीठ श्री गंगादास की बड़ी शाला के महंत स्वामी रामसेवकदास महाराज ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं गुरु पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दिल्ली की डॉ. रीता देव, अनंत महाजनी, शरद बक्षी, मनीष शर्मा अभिजीत सुखदाने, डॉ. वीणा जोशी ब्रह्मदा दुबे, डॉ. मुकेश सक्सेना, संजय देवले, एवं मनीष करवड़े उपस्थित रहे। इसका आगाज नवोदित कलाकार कुमारी वैष्णवी गुप्ता के गायन से हुआ। वैष्णवी ने राग मधुवंती में अपना गायन प्रस्तुत किया। वहीं युवा कलाकारों में शुमार सजग माथुर, हिमांशु चतुर्वेदी, योगेश शर्मा और ऋ तिक शर्मा ने समूह में तबला वादन की शानदार प्रस्तुति दी। हितेंद्र श्रीवास्तव के शिष्यों में शुमार इन चारों कलाकारों ने तीनताल में वादन प्रस्तुत किया। समापन विदुषी डॉ. रीता देव के शास्त्रीय और उपशास्त्रीय गायन से हुआ। उनके साथ तबले पर मनीष करवड़े, सारंगी पर उस्ताद अदुल मजीद खां हारमोनियम पर सुश्री मीरा वैष्णव ने साथ दिया जबकि तानपुरे पर हिमांशी राठौर ने साथ दिया। कार्यक्रम में रागायण की और से डॉ. रीता देव का शॉल श्रीफल से सम्मान भी किया गया।