अंदर की आंखें खुलती हैं तो भगवान नजर आता है: माताजी

Jul 24 2024

ग्वालियर। दीपक जब बाहर जलता है तो आंधियों के झोंके से बुझ सकता है, लेकिन अंतरंग में निष्ठा एवं श्रद्धा का एक बार दीप जल उठे, तो दुनिया की कोई आंधी उसे बुझा नहीं सकती। यह उद्गार आर्यिका पूर्णमति माताजी ने बुधवार को सिरोल चौराहा स्थित साक्षी एनक्लेव परिसर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए दिए।
माताजी ने कहा हमारी बाहर की आंखें खुलती हैं तब जहान नजर आता है और अंदर की आंखें खुलने पर भगवान नजर आता है। अपने इस मानव जीवन का महत्व समझो, अपनी चेतना को जागृत करो तो निश्चित ही अंतरंग में ज्ञान रूपी दीप जल उठेगा। माताजी ने कहा कि यदि तुम्हें धर्म के पथ पर चलना है, तो अपनी सहनशक्ति को बढ़ाना होगा। जीवन को सरल बनाने का प्रयास करोगे तभी जीवन में बदलाव आएगा।
चातुर्मास समिति के अध्यक्ष विजय जैन एवं मीडिया प्रभारी ललित जैन ने बताया कि माताजी के सामने 26 जुलाई से प्रतिदिन प्रात: 7:40 बजे से ग्वालियर में पहली बार 8 से 80 वर्ष तक के पुरुष वर्ग के लिए आत्मबोध शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें माताजी द्वारा जीवन जीने की अनूठी कला सिखाई जाएगी। तत्पश्चात 8:45 बजे से महिलाओं और पुरुषों के लिए समयसार ग्रंथ पर आधारित प्रवचन होंगे।