पुण्य नष्ट कर देता है लोभ-पं कांकोरिया

Jul 19 2024

ग्वालियर। ज्ञानी से ज्ञानी व्यक्ति भी लोभ में फंस जाते हैं, जो पुण्य नष्ट कर देता है, इसलिए ज्ञान से साथ भक्ति भी जरू री है। भगवत भजन भक्त को लोभ से बचने में मदद करता है। यह विचार आचार्य पं संतोष कांकोरिया ने गुरूवार को बरागांव स्थित सिद्धखोह में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन व्यक्त किए। इस मौके पर कथा परीक्षत श्रीपत महाराज ने व्यासपीठ की पूजा की। उन्होंने बताया कि जुआ खेलना एवं शराब पीना किसी स्कूल में नहीं पढ़ाया जाता है,लेकिन फिर भी लोग उसे बहुत जल्दी ग्रहण कर लेते हैं, जबकि मां-बाप पढ़ाई पर लाखों खर्च करते हैं, उसके बाद भी कुसंगत में पढकर अवगुण आ जाते हैं। बचपन से ही यदि बच्चों में संस्कार डाले जाएं,तो वे कभी गलत संगत में नहीं पढ़ेंगे। कालिया मर्दन की कथा सुनाते हुए उन्होंने एक दिलचस्प बात बताई कि राजा बलि ने भगवान को अपना सबकुछ दान कर दिया, तब उनके सिर पर भगवान ने एक पैर रखा,जबकि कालिया ने तो सिर्फ भगवान को विष ही दिया था, फिर भी उसके सिर पर दोनों पैर रखकर भगवान ने उसका उद्धार कर दिया। गोपियों के वस्त्र हरण की कथा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने सरोवर मेें स्नान करती गोपियों के वस्त्रहरण कर यह संदेश दिया कि कभी भी हमें बिना वस्त्रों के स्नान नहीं करना चहिए। इससे वरुणदेव का अपमान होता है।