गुरु पर्व में खिले श्रद्धा और समर्पण के सुर, डॉ. केलकर का हुआ सम्मान

Jul 18 2024

ग्वालियर। शहर की प्रतिष्ठित सांगीतिक संस्था रागायन और स्वर संस्कार के संयुत तत्वाधान में यहां सिद्धपीठ गंगादास की बड़ी शाला में आयोजित गुरु पर्व में सुरसाज के मुतलिफ रंग देखने सुनने को मिले ही, गुरु के प्रति श्रद्धा और समर्पण के भाव भी देखने को मिले। शुरू में शाला के महंत एवं रागायन के अध्यक्ष स्वामी रामसेवकदास महाराज ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ गोविंद धारकर के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं गुरु पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
सभा का शुभारंभ सागर से आए युवा गायक उत्सव गोपाल श्रीवास्तव के खयाल गायन से हुआ। उन्होंने राग पटदीप में दो बंदिशें पेश की। यह विशेष सभा ग्वालियर के युवा गायक यश देवले के सौजन्य से गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में उनके गुरु डॉ केलकर के सम्मान में आयोजित थी। यश डॉ केलकर से लंबे समय से संगीत की बारीकियां सीख रहें हैं। सभा का समापन मेहमान कलाकार डॉ राजेश केलकर के खयाल गायन से हुआ।  डॉ केलकर बड़ौदा की महाराजा सयाजी राव यूनिवर्सिटी में संगीत विभाग के विभागाध्यक्ष हैं और संगीत के क्षेत्र में नए कलाकार तैयार करने का काम कर रहें हैं। 
इस अवसर पर डॉ राजेश केलकर का उनके सांगीतिक अवदान के लिए सम्मान किया गया। रागायन और स्वर संस्कार की ओर से उन्हें यह समान प्रदान किया गया। रागायन के अध्यक्ष महंत रामसेवकदास महाराज, स्वर संस्कार की ओर से संजय देवले,मुय अतिथि डॉ गोविंद धारकर, पंडित श्रीराम उमड़ेकर, मनीष करवड़े, ब्रह्मदा दुबे बाली बाबा ने डॉ केलकर को शॉल श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संगीत रसिक और विद्यार्थी उपस्थित थे। अंत में यश देवले ने सभी का आभार व्यक्त किया।