जैन स्वर्ण मंदिर पूरे विश्व में जैन संस्कृति धरोहर है इसकी सुरक्षा हमारी है-आर्यिकाश्री

Jul 17 2024

ग्वालियर। जैन संस्कृति दर्शन के बिना अधुरी है। जैन स्वर्ण मंदिर पूरे विश्व में जैन संस्कृति की धरोहर है। इस मंदिर की सुरक्षा हमारी सुरक्षा है। स्वर्ण मंदिर जैन संस्कृति से हमे विरासत में मिली है इस का प्रचार प्रसार कर धर्मपथ पर आप सभी चले। धर्म संस्कृति की प्राचीन जिन प्रतिमा विराजित है। नई पीढ़ी के मार्ग—दर्शन के लिये श्रमण—प्राचीन प्रतिमाएं धर्म संस्कृति की अनमोल धरोहर है। यह बात आर्यिकाश्री पूर्णमति माताजी ने गस्त का ताजिया स्थित दिगंबर जैन स्वर्ण मंदिर पहुंचकर प्राचीन प्रतिमाओ के दर्शन करने के उपरांत धर्म सभा को संबोधित करते हुए कही। 
आर्यिकाश्री ने कहा भारत की पहचान शुरू से ही जैन संस्कृति संवर्धन करने वाले देश में रही है। जैन धर्म ऐसा पवित्र अनुष्ठान है जिसमें आत्मा का शुद्धिकरण होता है।
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि पूर्णमति माताजी ससंघ के साथ गस्त का ताजिया स्थित दिगंबर जैन स्वर्ण मंदिर पहुंची। आर्यिकाश्री पूर्णमति माताजी ससंघ ने मूल नायक प्राचीन प्रतिमा भगवान पार्श्व नाथ और अन्य प्रतिमाओं के दर्शन करने के साथ मंदिर भ्रमण किया।