एक ही पत्थर पर ऊकेरी गईं भगवान की प्रतिमाएँ एवं कलाकृति अद्वितीय है-माताजी

Jul 15 2024

ग्वालियर। आर्यिका पूर्णमति माताजी ने सोमवार को ग्वालियर स्थित  गोपाचल पर्वत का दर्शन किया। इस दौरान उन्होंने 57 फीट ऊंची भगवान पारसनाथ स्वामी की प्रतिमा को टकटकी निगाहों से निहारा और भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा का दर्शन किया।
गोपाचल पर्वत पर स्थित जैन तीर्थंकरों की अनेक खंडित एवं अखंडित प्रतिमाओं का अवलोकन करते हुए पूज्य माताजी ने प्रतिमाओं के चारों ओर बनी कलाकृतियों को बारीकी से देखा। इस अवसर पर माताजी ने भगवान की विशाल और मनोहारी प्रतिमाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह स्थल जैन धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है और यहां की प्रतिमाओं की कला और आकार अद्वितीय हैं।
माताजी ने कहा आज हम उनके समर्पण भावों और पुरुषार्थ को याद करते हैं, जिन्होंने इन प्रतिमाओं का निर्माण किया। क्या सोच रही होगी उनकी आत्मा, जिन्होंने एक ही पाषाण में इतनी भव्य और मनोहारी प्रतिमाओं का निर्माण कर दिया। आर्यिका पूर्णमति माताजी के इस पावन दर्शन से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भक्ति का संचार हुआ है।
सम्यक ज्ञान से अपने जीवन को कर लो रोशन
माताजी सोमवार को गोपाचल से पद विहार करती हुई इंदरगंज जैन मंदिर होते हुए नया बाजार जैन मंदिर पहुंचीं, जहां धर्म सभा को संबोधित करते हुए माताजी ने कहा तुमने पूरी जिंदगी दूसरों की व्यथा और कथा सुनने में निकाल दी, जरा सोचो कि अपने आत्मा की कथा कब सुनोगे? सांसारिक जीवन की भागदौड़ से कुछ समय स्वयं के लिए भी निकालो और ऐसी साधना करो कि सम्यक ज्ञान की रोशनी से तुम्हारा जीवन रोशन हो जाए।
समाज के प्रवक्ता ललित जैन ने बताया कि माताजी दानाओली स्थित चंपाबाग मंदिर पहुंचेगी, मंगल को प्रात: 8:30 बजे से चंपा बगीची नई सडक़ पर उनके मंगल प्रवचन होंगे।