कृषि उपज मंडी में चले चाकू और कट्टे, युवक घायल, एक बदमाश को पकड़ा,दो भागे

Jul 13 2024

ग्वालियर। जिले और संभाग की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडी अब सबसे असुरक्षित मंडी बनती जा रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि, लक्ष्मीगंज स्थित कृषि उपज मंडी में बीती रात 3 बजे कट्टे और चाकू लेकर तीन  बदमाशों ने मंडी परिसर में एक रेड़ी वाले पर हमला बोल दिया, चाकू लगने की वजह से युवक लहुलुहान भी हो गया। इस घटना से कृषि उपज मंडी में हडकम्प मच गया। गनीमत रही कि, सही समय पर व्यापारियों ने और मंडी में एकत्रित लोगों के द्वारा तीन में से एक बदमाश को पकड़ लिया जिसके पास से देसी कट्टा और जिंदा कारतूस भी पाए गए।
मिली जानकारी के अनुसार मंडी परिसर की दुकान नंबर एक के पास की यह घटना है। जब गत रात 3 बजे रेड़ी लगाने वाले एक व्यक्ति पर तीन बदमाशों के द्वारा हमला बोला गया, जिसमें व्यक्ति चाकू लगने की वजह से वह लहू लुहान हो गया। 
इसके बाद आसपास हडक़ंप मचने पर व्यापारी एकत्रित हुए और एक बदमाश को पकड़ लिया गया। बाकी दो बदमाश भागने में सफल हो गए। पकड़े गए बदमाश के पास से एक देसी कट्टा और जिंदा कारतूस भी मिले, इसके बाद व्यापारियों ने 100 डायल को फोन कर बदमाश को पुलिस के हवाले कर दिया।
व्यापारियों में फूटा आक्रोश 
कृषि उपज मंडी के व्यापारियों में काफी आक्रोश है। व्यापारियों को कहना है कि अब कृषि उपज मंडी व्यापारियों के लिए सुरक्षा प्रदान करने में असमर्थ हो चुकी है और यहा व्यापारियों को जान माल का खतरा बढ़ता जा रहा है। 
ऐसा इसलिए भी है कि कृषि उपज मडी ने सुरक्षा दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हुए है, गार्ड भी रात के समय मौजूद नहीं रहते है। जिसका फायदा उठाकर अपराधी प्रवृत्ति के लोगों ने मंडी में ही अपना अड्डा बना लिया है और इसी वजह से करन रात को एक बहुत बड़ी दुर्घटना होने के कगार पर थी।
मांस-मछली के ठेले, अवैध गुमटियां बनी कारण
दरअसल कृषि उपज मंडी परिसर में वर्तमान स्थिति देखी जाए तो यहां रात भर मांस-मछली के ठेले, सिगरेट बीढ़ी की गुमठिया और नमकीन डिस्पोजल की बिक्री की जाती है। ऐसे में अपराधियों के लिए कृषि उपज मंडी परिसर सर्व सुविधा युक्त जगह बन जाती है। क्योंकि यहां निगरानी और सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं। पूर्व में भी व्यापारियों ने कई बार इस का विरोध किया लेकिन कृषि उपज मंडी में दिन पर दिन अवैध फूड स्टॉल लगने का काम हो रहा है.. जिसकी वजह से गत रात जो घटनां हुई, ऐसी घटनाओं की संभावनाएं बढ़ती जाती है।