आशा रामायण ज्ञान यज्ञ की भंडारे के साथ पूर्णाहुति

Jul 12 2024

ग्वालियर। अगर है शौक मिलने का कर खिदमत फकीरों की। ये जौहर नहीं मिला करते अमीरों के खजाने में। कथा की पूर्णाहुति पर विजय महाराज ने आशा रामायण ज्ञान यज्ञ सप्ताह में सत्संग के दौरान सार तत्व समझाया। दुनिया का कितना भी अमीर जादे रईस या राजे महाराजे जिसे भी ईश्वर को पाना है उसे महापुरुष संत फकीर के चरणों में शीश झुकाना पड़ेगा। पुराने समय में भी राज सताएं छोडक़र जंगल में महापुरुषों को खोज कर सेवा द्वारा भाग्य बनाने वाले वीर शिरोमणि छत्रपति शिवाजी जैसे महान शासकों का गुणगान से इतिहास भरे पड़े हैं। 
पूर्णाहुति पर विजय महाराज ने आशा रामायण पाठ और हवन कार्यक्रम संपन्न कराया। उसके बाद चालू हुआ भोजन प्रसादी कार्यक्रम जिसमें देर शाम तक भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की। 
इस अवसर पर आश्रम संचालक अर्जुन भाई, विजय महाराज, मीडिया प्रभारी बलबीर सिंह परमार, प्रधान भदौरिया, जशवंत भदौरिया, सूरज सिकरवार, महावीर सिंह तोमर,  केके शर्मा, महिला मंडल समेत भारी संख्या में श्रद्धालु भक्त गण इत्यादि रहे।