आज से ही शुरू कर दो भजन: अनुराधा

Jul 11 2024

ग्वालियर। बिजली कडक़ने लगी। घनघोर बारिश शुरू हो गई। कारागार के द्वार स्वत: ही खुल गए। रोहिणी नक्षत्र मेें भगवान श्रीकृष्ण के जन्म हुआ और उन्हें वसुदेव आधीरात ही डलिया में रखकर चल दिए। मोतीझील स्टोनपार्क स्थित कोयला वाले हनुमान मंदिर पर गुरूवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को नन्ही कथावाचिका अनुराधा पांडेय ने बहुत ही सुंदर चित्रण किया। 
व्यासपीठ से कथा श्रवण कराते हुए अनुराधा ने बताया कि वसुदेव जब बालकृष्ण को लेकर यमुनाजी की पार करने लगे तो वह अचानक उफान पर आ गई। भगवान श्रीकृष्ण के चरणों का स्पर्ष कर वह पुन: शांत हो गई। यह देखकर वसुदेव भी चकित हो गए। अनुराधा ने कहा कि बचपन से ही भजन का अभ्यास करना चाहिए, क्योंकि यदि भजन की आदत नहीं हुई, तो बुढ़ापे में भजन नहीं होगा, इसलिए कहा गया है कि भजन करो मस्त जवानी में बुढ़पा किसने देखा है। बचपन से ही यदि बच्चों में भगवत भजन के संस्कार डाल दिए, तो वह फिर कभी भजन के बगैर नहीं रह सकते हैं। 
उन्होंने कहा कि आमतौर पर लोगों के मन में भजन करने का भाव तो होता है,लेकिन उसे वे जीवन मेें लागू नहीं कर पाते हैं। कल करते करते जीवन निकल जाता है,लेकिन भजन शुरू नहीं हो पाता है,लेकिन इसलिए कल के भरोसे न रहें, जो करना है आज ही कर लें। भजन न सिर्फ भगवत प्राप्ति का मार्ग खोलता है,बल्कि मनुष्य के आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। संतों के सानिध्य में रहककर भजन का अभ्यास करें और खुद को भगवान साबित करने पर तुले ढोंगियों से दूर रहें,तो कल्याण हो जाएगा।