अगर प्रभु को पाना है तो राग द्वेष छोड़ो: विजय महाराज

Jul 11 2024

ग्वालियर। संत आशाराम बापू के शिष्य विजय महाराज ने आशा रामायण ज्ञान यज्ञ सप्ताह में छठवें दिन व्याख्या करते हुए कहा कि अगर प्रभु को पाना है तो राग द्वेष को त्याग दो नहीं तो बार-बार जन्म मरण की चक्की में पिसते रहोगे। जब सारे जहान में तेरा ही पसारा है फिर कोन अपना कोन पराया। सबसे निश्वार्थ भाव से प्रेम करो, छल कपट रहित भक्ति से वह शीघ्र प्रगट होगा। कबीरा मन निर्मल भयो, भयो गंग को नीर। पीछे-पीछे हरि फिरें कहत कबीर कबीर। तभी समत्व योग फलीभूत होगा। 
संत और शास्त्र राह दिखाते है अनुसरण करते ही ईश्वर कृपा के अधिकारी बन जाओगे। सरल सहज भक्ति मार्ग छोडक़र हम जगत की तू तू में में ही फंसे हुए दुनिया से बिदा ले लेते है। संत महापुरुष जगाने आते है जो जाग गया वहीं सबेरा आवागमन से मुक्त होकर अपने वास्तविक लक्ष्य को प्राप्त कर लेता है। यही मनुष्य जन्म का सार है। पूर्णाहुति पर आरती के पश्चात प्रसाद का वितरण किया गया। विशेष रूप से शामिल होने वालों में हनुमान सत्संग धाम के स्वामी आनंदेश्वर महाराज, मीडिया प्रभारी बलबीर सिंह परमार, अरविंद मिश्रा, नंद किशोर शर्मा, केके शर्मा, सूरज सिकरवार, जसवंत भदौरिया, श्रीमती कल्पना शर्मा, सरोज शर्मा, कोशल्या रायकवार, रेखा शर्मा, एड माला मिश्रा इत्यादि श्रद्धालु भक्तगण रहे।