बच्चों से भरी वैन में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, बच्चों को सुरक्षित निकाला

Jul 06 2024

ग्वालियर। भितरवार के गोहिंदा के पास एक स्कूली बच्चों से भरी वैन में लगी संभवत: शॉर्ट सर्किट के चलते आग लग गई। ग्रामीणों ने मशक्कत कर आग से घिरी वैन में बैठे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। बच्चों को कार से निकालने के प्रयास में दो युवक झुलस गए। वहीं बड़ा हादसा टल गया और आगजनी में बच्चों के स्कूली बैग और बॉटल जलकर राख हो गए। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह से जल चुका थी। स्कूल वैन सनराइज स्कूल की बताई जा रही है। 
बताया जाता है कि गोहिंदा के पास एक स्कूली वाहन का संचालक सुबह के समय गांव से बच्चों को लेने के लिए आया था। लौटते समय अचानक शॉर्टसर्किट होने से आग लग गई। कार में आग लगते ही ग्रामीण दौड़ पड़े और अंदर बैठे छह बच्चों को बाहर निकलने में जुट गए। आग बुझाने के प्रयास में दो अन्य भी मामूली रूप से झुलस गए। इस बीच गांव के लोगों की भीड़ इक_ा हो गई।  लोगों के प्रयास के बाद भी आग की भयंकर लपटों ने अपनी चपेट में ले लिया।
सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई। सकुशल बच्चों के परिजनों ने स्कूल संचालकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इधर आगजनी के बाद वाहन चालक मौके से भाग गया। 
धड़ल्ले से चल रहे सिलेंडर से वाहन,संबंधित विभाग मौन
वाहनों में अनाधिकृत तौर पर लगाई गई एलपीजी गैस किटें खतरनाक साबित हो रही हैं। अवैध रूप से लगाई गई किटों के कारण कभी भी कोई भी हादसा हो सकता है। देसी जुगाड़ से लगाई गई गैस किट वाले वाहन दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। ग्वालियर से लगे भितरवार और डबरा क्षेत्र में बड़ी संख्या में एलपीजी सिलेंडर से वाहनों को चलाया जा रहा है। चूंकि  गैस किट 15 से 20 हजार में लगाई जाती है। जबकि देसी जुगाड़ से बनाई गई गैस किट मात्र 5 से 8 हजार के अंदर ही फिट कर दी जाती है। 
सस्ते के लालच में वाहन मालिक देसी गैस किट को तवज्जो देते हैं। ऐसे वाहनों में घरेलू गैस सिलेंडरों का सीधे तौर पर प्रयोग किया जा रहा है, या फिर देसी पंप से वाहनों के इंधन टैंक में एलपीजी को भरा जाता है जो खतरे से खाली नहीं है।