महिलाओं पर अत्याचार के विरोध में ओजस्विनी विचार मंच ने एडीएम को गृहमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

Jul 06 2024

ग्वालियर। पश्चिम बंगाल में महिलाओं के साथ हो रहे अनुचित व असभ्य  व्यवहार के विरोध में ओजस्विनी विचार मंच ने केन्द्रीय गृह मंत्री के नाम एडीएम टीएन सिंह को ज्ञापन सौंपा। 
 के माध्यम से मंच की महिला पदाधिकारियों व सदस्यों ने कहा कि पश्चिम बंगाल में दिन प्रतिदिन महिलाओं की बिगड़ती हुई स्थिति गंभीर चिंता का विषय है। कानून और व्यवस्था केवल शब्दकोष तक सिमटकर रह गए हों ऐसा प्रतीत होने लगा है। 
संदेशखाली, कूचबिहार और उत्तर दिनारपुर (चोपरा) की घटना सभ्य समाज का मस्तक लज्जा से झुका देनेवाली हैं। निरीह, निरपराध नागरिकों का और विशेषत: महिलाओं का शोषण और दर्दनाक उत्पीडन सर्वथा निंदनीय है। भारतीय संविधान की धज्जियां उड़ानेवाली ये घटनाएं तालिबानी शासन का स्मरण कराती है।
महिलाओं ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में एक महिला मुख्यमंत्री के होते हुए भी महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय, अत्याचार और अपमान से हम सब महिलाएं अत्यंत व्यथित है। इसलिए इस पूरे मामले की न्यायिक जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए। साथ ही पीडि़त महिलाओं के शारीरिक, मानसिक उपचार  और उनके पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था की जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ. नीतू भारद्वाज, डॉ. वंदना राहुल, डॉ. रितु नामधारी, अर्चना सिकरवार, डॉ. कल्पना शर्मा, श्रीमती मनीषा इंदापुरकर, गायत्री चौहान, डॉ. महिमा तारे, बेबी शर्मा, पल्लविका चौधरी, निधि मिश्रा, सरोज अग्रवाल, रंजना कक्कड़, अंजली हार्डीकर, शारदा बालौदी, प्रीति चौबे, रीना शर्मा, मीना शर्मा, नंदिता चतुर्वेदी, अरून्धती भानपुरकर, साक्षी मायंकर, नीलम शुक्ला एवं शिखा सहित अन्य महिलाएं शामिल रहीं।