गणाचार्य विराग सागर के समाधि मरण से जैन समाज में शोक, मंदिरों में मंत्र के साथ विनयांजलि दी

Jul 05 2024

ग्वालियर। जैन संत गणाचार्य विराग सागर मुनिराज की समाधि महाराष्ट्र के  देवमूर्ति ग्राम जलाना में हुई। गणाचार्यश्री की समाधि की खबर सुनकर ग्वालियर शहर में भी शोक की लहर छा गई। सुबह लोगों को ये समाचार मिला स्तब्ध रह गए। शोक में दाना ओली स्थित बीसपंथी चंपाबागा जैन मंदिर में सकल जैन समाज की ओर से जैन समाज के लोगों ने गणाचार्य  विराग सागर मुनिराज की आत्मा की शांति के लिए णमोकार मंत्र के पाठ के शुभारंभ के साथ-साथ विनयांजलि सभा कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सकल जैन समाज ग्वालियर की ओर से दानाओली स्थित दिगंबर बीसपंथी चंपाबाग जैन मंदिर के प्रांगण में विनयांजलि कार्यक्रम किया गया। इस मौके पर अनेक वक्ताओं ने गणाचार्य विराग सागर मुनिराज के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विचार व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
वक्ताओं में मुख्य रूप में जैन तीर्थ सोनागिर के बालचंद्र जैन ने कहा कि उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग, साधना, और तपस्या का महत्व हम सभी के जीवन में अविस्मरणीय है। वही विनयांजलि देते हुए गोपाचल पर्वत के अजीत वरैया ने कहा महाराज की सल्लेखना के साथ समाधि ने हमें यह सिखाया कि सच्चा साधु वही होता है जो अपने अंतिम क्षणों तक धर्म के प्रति अडिग रहता है। समाज के प्रशांत गंगवाल ने कहा कि आपकी तपस्या, संयम, और साधना का मार्ग हमें सदैव स्मरण रहेगा और हम उसे अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करेंगे। 
दीपिका जैन कहा की सम्पूर्ण जीवन में अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, और धर्म के मार्ग का पालन करते हुए जो आदर्श स्थापित किए, वे अनंतकाल तक हमारे लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे। वक्ताओं के रूप में समाज के राजेंद्र जैन एडवोकेट, प्रवीण गंगवाल, मुकेश जैन, विनय कासलीवाल, निर्मल जैन मारसंस , विकास गंगवाल, महेंद्र जैन बंटी, पदमचंद जैन, राकेश जैन, कमलेश बिलाला, नीरज छाबड़ा, संजय गोधा, गोतम गोधा, पंकज बाकलीवाल, अजीत गोपाचल, अनिल जैन, दीपिका जैन, सोनल जैन, रेनू छाबड़ा, संगीत पांड्या आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की। संचालन विनय कासलीवाल ने किया। 
जैन समाज के प्रवक्चा सचिन जैन ने बताया कि 2012 में गणाचार्य विराग सागर महाराज सहित 40 साधुओ का ससंघ सोनागिर से ग्वालियर शहर आया था। 2017 में गणाचार्य के सानिध्य में गुरु के संघ होली कार्यक्रम हुआ था। वही गोपाचल पर्वत, जैन नसिया के शांतिनाथ का अभिषेक और अपने शिष्य से महाराज बाड़ा पर मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज से वात्सल्य मिलन हुआ था। वही 2017 में दिगंबर जैन युवा जागरण मंच की ओर से 2 मई 17 को गणाचार्य विराग सागर महाराज का 55 वां अवतरण दिवस के साथ महावीर जयंती भी बनाई थी।