आदिवासी परिवारों की महिलाओं की समस्या सुनने के बाद कलेक्टर ने दिए निर्देश

Jul 02 2024

ग्वालियर। जमीन के स्वामित्व को लेकर आ रही रेंहट ग्राम के आदिवासी परिवारों की समस्या का स्थायी समाधान होगा। रेंहट मौजे की पूरी जमीन का सीमांकन कर यह निर्धारित किया जायेगा कि यहाँ के सर्वे नम्बरों के किस भाग का कौन-कौन स्वामी है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने घाटीगाँव के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी को रेंहट गाँव की पूरी खेती योग्य जमीन का सीमांकन करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुँची ग्राम रेंहट के आदिवासी परिवारों की महिलाओं की समस्या सुनने के बाद कलेक्टर श्रीमती चौहान ने इस आशय के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट की जन-सुनवाई में इस बार 218 लोगों की समस्यायें सुनी गईं। 
मंगलवार को हुई कलेक्ट्रेट की जन-सुनवाई में पहुँचकर जिले के दूरस्थ ग्राम रेंहट से श्रीमती बैजन्ती, श्रीमती विमला, श्रीमती राजाबेटी व श्रीमती नथिया सहित रेंहट गाँव के आदिवासी परिवारों की अन्य महिलाओं ने कलेक्टर श्रीमती चौहान को अपनी व्यथा सुनाई। इन महिलाओं का कहना था कि उन्हें पट्टे पर लगभग 60 वर्ष पूर्व मिली जमीन पर गाँव के कुछ लोगों द्वारा खेती करने से रोका जा रहा है। सभी महिलाओं की बातों को  सुनने के बाद कलेक्टर ने फोन लगाकर घाटीगाँव के एसडीएम से बात की। 
तब पता चला कि रेंहट गाँव में बहुत से भूमि स्वामी अपनी वास्तविक जमीन पर काबिज होने की बजाय एक-दूसरे की जमीन पर खेती कर रहे हैं। इसलिए आए दिन विवाद होता रहता है। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने वस्तुस्थिति का पता लगने के बाद एसडीएम को निर्देश दिए कि रेंहट गाँव की पूरी जमीन का सही-सही सीमांकन कराकर लोगों को उनके स्वामित्व वाली जमीन का कब्जा दिलाएँ। उन्होंने यह काम जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही जोर देकर कहा कि गाँव के आदिवासी परिवारों के साथ कोई अन्याय नहीं होना चाहिए। 
कलेक्ट्रेट की जन-सुनवाई में रानी अवंतीबाई खालसा कॉलेज के विद्यार्थी रहे आकाश वंशकार ने महाविद्यालय द्वारा डीएलएड की अंकसूची न दिए जाने की शिकायत की। वंशकार का कहना था कि महाविद्यालय द्वारा अतिरिक्त फीस की मांग भी की जा रही है, जबकि उसके द्वारा पूर्व में ही पूरी फीस जमा की जा चुकी है। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने जिला शिक्षा अधिकारी को इस पूरे प्रकरण की जांच कर संबंधित विद्यार्थी को अंकसूची दिलाने के निर्देश दिए। 
इसी तरह शहर के वार्ड-62 की एक बस्ती से आए लोगों ने बिजली आपूर्ति संबंधी शिकायत की। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने विद्युत वितरण कंपनी एवं नगर निगम के अधिकारियों को इस समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। इसके अलावा अन्य आवेदकों की जमीन, बच्चों की पढ़ाई व इलाज इत्यादि से संबंधित समस्याओं का समाधान भी किया गया। 
दिव्यांग तैराक ने कलेक्टर से कहा साहब मुझे डुप्लीकेट अंकसूची दिलवा दो
ग्वालियर। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में एक दिव्यांग तैराक ने पहुंचकर कलेक्टर से कहाकि उसकी डुप्लीकेट मार्कशीट दिलवाई जाए। जनसुनवाई में पहुंचें आशीष शिवहरे पुत्र अशोक शिवहरे ने दिये शिकायती पत्र में बताया है कि वह दोनों पैरों से और एक हाथ से दिव्यांग है। इसके बाद भी उसने 1996 में राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षण संस्थान ग्वालियर से तैराकी का प्रशिक्षण प्राप्त किया। 
आज तक उसने कई राज्य एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर 18 स्वर्ण, 15 रजत और 7 कांस्य पदक प्राप्त करके मध्यप्रदेश का नाम हर बार रोशन किया है। 5 जुलाई 2018 को धर्मेन्द्र अहिरवार पुत्र बलराम अहिरबार निवासी इंडस्ट्रीयल एरिया, आरामील बिरला नगर भोपाल रेलवे स्टेशन से ग्वालियर के लिए आ रहा था। उसी दौरान एक अज्ञात व्यति ने बैग चोरी कर लिया, जिसमें मेरे समस्त मूल दस्तावेज थे। 
कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में इस बार 218 आवेदक अपनी समस्यायें लेकर पहुँचे थे। इनमें से 108 आवेदन दर्ज किए गए। साथ ही शेष 110 आवेदन आवश्यक टीम अंकित कर सीधे ही संबंधित विभागो के जिला स्तरीय अधिकारियों को समय-सीमा में निराकृत करने के लिए सौंपे गए। 
कलेक्ट्रेट की जन-सुनवाई में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, जिला पंचायत के सीईओ विवेक कुमार, अपर कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार व टीएन सिंह सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने एक-एक कर सभी फरियादियों की समस्यायें सुनीं। साथ ही उनके आवेदनों के निराकरण की रूपरेखा तय की। 
एसपी आफिस में भी पहुंचे पीडि़त
एसपी आफिस में भी मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान जिले भर से बड़ी संख्या में पीडि़त अपनी समस्या लेकर पहुंचे जहां जनसुनवाई में मौजूद अधिकारियों ने पीडि़तों की समस्याओं को सुनकरउनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान कई मामले ऐसे आए जिनमें पुलिस का सहयोग न मिलने की शिकायत पीडि़तों ने की।