लोन विवाद में कार सवार बदमाशों ने युवक पर फायरिंग कर तलवार भी मारी, घायल

Jun 30 2024

ग्वालियर में बदमाशों ने एक युवक पर फायरिंग की। साथ ही तलवार से हमला किया। जिसमें वो घायल हो गया। - ष्ठड्डद्बठ्ठद्बद्म क्चद्धड्डह्यद्मड्डह्म्
ग्वालियर। रविवार की दोपहर में कार सवार बदमाशों ने एक युवक पर फायरिंग की। आवाज सुनकर परिजन और दूसरे लोग वहां आ गए। उन्होंने हमलावरों को पकडऩे की कोशिश की। इस दौरान बदमाश अपनी लाइसेंसी राइफल छोडक़र भाग गए। जाते-जाते हमलावर ने एक युवक को तलवार मार दी। जिससे वो घायल हो गया।
घटना दोपहर करीब 3 बजे सात नंबर चौराहा सीपी कॉलोनी मुरार की है। हमले में घायल युवक के पिता ज्ञान सिंह ने मुरैना के रहने वाले संदीप मावई पर हमले का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लोन को लेकर उसके भांजे से संदीप का विवाद है।
ज्ञान सिंह के दो बेटे लव गुर्जर और पुष्पेन्द्र गुर्जर हैं। उन्होंने बताया- रविवार दोपहर करीब 3 बजे लव गुर्जर को उसके मामा के बेटे अनुज गुर्जर का कॉल आया था। जिसके बाद लव घर के बाहर खड़ा हो गया। इस बीच, वहां कार से संदीप मावई (गुर्जर) चार से पांच अन्य साथियों के साथ आया। गाली-गलौज करते हुए राइफल से फायर कर दिया। लव ने नीचे झुक कर जान बचाई। इसके बाद बाद हमलावरों ने एक और फायर किया।
गोलियों की आवाज सुनकर लव का छोटा भाई पुष्पेन्द्र गुर्जर बाहर आया। वह हमलावरों से भिड़ गया। मदद के लिए आसपास के अन्य लोग भी आ गए। घबराकर बदमाश भागने लगे, लेकिन हड़बड़ाहट में राइफल छोडक़र भाग गए। भागते समय हमलावरों ने पुष्पेन्द्र पर तलवार से हमला कर दिया। पुलिस ने हमलावरों की तलाश में नाकाबंदी कर दी है।
घायल के पिता ज्ञान सिंह ने बताया मेरा भांजा अनुज गुर्जर सिटी सेंटर में रहता है। वह प्राइवेट बैंक में पदस्थ है। हमलावर संदीप मावई निवासी मुरैना ने फर्जीवाड़ा कर एक या दो करोड़ का लोन लिया है। इसकी जानकारी भांजे को है। संदीप का आरोप है कि अनुज उसे बदनाम कर रहा है। इसी कारण उनके बीच विवाद है।
संदीप को लगता है कि मेरे दोनों बेटे भी उसके साथ मिले हैं। रविवार दोपहर अनुज को धमकी देते हुए संदीप ने सात नंबर चौराहा पर बुलाया था। अनुज पहुंचा, लेकिन खुद को अकेला पाकर बेटे लव को फोन कर आने को कहा, लेकिन हमलावर हमारे घर के बाहर ही पहुंच गए और हमला कर दिया।
घायल पुष्पेन्द्र ने बताया कि मैं भाई लव की आवाज सुनकर आया। बाहर से गोलियों की आवाज आ रही थी। भाई चिल्लाया तो आ गया। हमलावरों से संघर्ष भी किया। विवाद के बारे में मुझे नहीं पता। हम संघर्ष नहीं करते, तो जान भी जा सकती थी।