हार्ट अटैक व लकवा का बढ़ सकता है खतरा: डॉ. उज्जवल शर्मा

Jun 30 2024

ग्वालियर। अगर आप पूरी रात सोने के बाद भी दिन में थका हुआ महसूस करते हैं, अत्यधिक नींद आती है और रात में सोते समय तेज खर्राटे लेते हैं, तो आपको स्लीप एपनिया हो सकता है। शॉर्ट नैक यानि छोटी गर्दन भी इस बीमारी का बड़ा लक्षण है। स्लीप एपनिया एक गंभीर नींद संबंधी विकार है जिसमें सांस बार-बार रुकती और शुरू होती है। दरअसल, ऑक्सीजन का लेवल शरीर में कम हो जाता है, जिसके कारण लोगों को राहत भरी सांस नहीं मिलती। 
डॉक्टर्स डे पर टीबी एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. उज्जवल शर्मा ने सामान्य वर्ग में अनपहचानी लेकिन नजरंदाज करने पर जानलेवा बन जाने वाली बीमारी स्लीप एपनिया (ओएसए) के लक्षणों, कारणों एवं निदान के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि स्लीप एपनिया (ओएसए) तब होता है जब गले की मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं और फेफड़ों में हवा का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है। 
स्लीप एपनिया में बार-बार जागने की वजह से सामान्य, आरामदायक नींद असंभव हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप दिन में गंभीर उनींदापन, थकान और चिड़चिड़ापन की संभावना होती है। आपको ध्यान केंद्रित करने में परेशानी हो सकती है और आप काम पर, टीवी देखते समय या यहां तक कि गाड़ी चलाते समय भी सो सकते हैं। स्लीप एपनिया से पीडि़त लोगों में मोटर वाहन और कार्यस्थल दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। आप जल्दी गुस्सा होने, मूडी या उदासी महसूस कर सकते हैं। स्लीप एपनिया से पीडि़त बच्चे और किशोर स्कूल में खराब प्रदर्शन कर सकते हैं या उनमें व्यवहार संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। 
हृदय रोगी लू से बचें, दोपहर में बाहर न निकलें: डॉ. राम रावत
जयारोग्य हॉस्पीटल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राम रावत ने कहा कि गर्मी के इस मौसम में हार्ट के मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि अधिक गर्मी पडऩे पर शरीर का तापमान बढऩे लगता है। शरीर को ठंडा रखने के लिए हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। साथ ही अन्य अंगों और धमनियों पर भी दबाव बढ़ता है। शरीर में पानी की कमी भी हो जाती है, जिससे हीट स्ट्रोक आ जाता है। अन्य लोगों की तुलना में दिल के मरीजों को इससे बीपी की शिकायत भी बढ़ जाती है और हार्ट अटैक का भी खतरा रहता है। गर्मी में ब्लडप्रेशर कम हो जाता है, इसलिए अपने डाक्टर से मिलकर दवा अर्जेस्ट करवाएं। हार्ट के मरीजों को तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। 
मच्छर जनित रोग बढ़ेंगे, घर के आसपास पानी जमा न होने दें: डॉ. विनीत चतुर्वेदी
जीआरएमसी के बाल एवं शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. विनीत चतुर्वेदी का कहना है कि बरसात का मौसम शुरू हो गया है, नतीजन मच्छरजनित रोग बढ़ेंगे। डेंगू का खतरा तो है ही। इसलिए अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दें। बच्चों को फुल कपड़े पहनाएं। टाइफाइड व पीलिया जैसी समस्याएं भी बारिश के मौसम में ही होती हैं। अत्यधिक बचाव जरूरी है। संभव हो तो पानी उबालकर ही पिएं।
डॉक्टरों का सम्मान आज
 डॉक्टर्स दिवस के अवसर पर 1 जुलाई को कस्तूरबा भवन कंपू पर शाम 5 बजे से एक समारोह का आयोजन किया गया है। समारोह में डॉक्टरों का सम्मान किया जाएगा। आगाह सोशल सोसायटी के अध्यक्ष जीएसएल गौड़, सचिव एसआर शिंदे ने बताया कि चिकित्सकीय पेशे में अच्छा योगदान देने वाले डॉक्टरों को सम्मानित किया जाएगा।
सम्मान समारोह में हैप्पीनेस एंड अवेयरनेस मिशन क्लब, महादेव समर्पण सेवा संस्थान, गौरवशाली सामाजिक संस्था के पदाधिकारी शिल्पा डोंगरा, जगदीश अग्रवाल, अमित द्विवेदी, आरके जोशी, जीतेश शर्मा सहित अन्य के सहयोग से किया जाएगा।