मनुष्य को जीवन में कभी भी अंहकार नहीं करना चाहिए-पंडित रवि तिवारी

Jun 27 2024

ग्वालियर। ग्राम दुबहा में श्रीमद्भागवत कथा के छटवे दिन भागवताचार्य पं. रवि तिवारी महाराज ने बताया कि जो मनुष्य को शास्त्रो में बताई गई बातों को अपने जीवन में पालन करना चाहिए। अपने मन की मजऱ्ी से पशु जीवन यापन करते है। जो भी मनुष्य शास्त्रों के बताये गए मार्ग पर चलता है वही मानव कहलानें के योग्य होता है। 
मनुष्य को हमेशा गाय की सेवा करनी चाहिए और कभी भी गोमांस का सेवन नहीं करना चाहिए। भगवान श्री कृष्ण ने भी गौमाता की सेवा की थी। मनुष्य को जीवन में कभी भी अंहकार नहीं करना चाहिए क्योंकि अंहकारी मनुष्य से भगवान कभी खुश नहीं होते है और उसका सबकुछ छीन लेते है। भगवान कभी भी बुरे कार्य करने वाले मनुष्य पर प्रसन्न नहीं होते है।
मनुष्य को अपने हर काम को ईमानदारी से करना चाहिए। हर सनातनी को कथा, पूजा- पाठ, जागरण में भारतीय वस्त्र का प्रयोग करना चाहिए। मनुष्य को जीवन में संकट आने पर घबराना नहीं चाहिए और भगवान की शरण में चले जाना चाहिए। 
मनुष्य अपने जीवन में काफी गलती करता है लेकिन गलती होने पर मनुष्य को उन गलतियों से सीख कर अपने जीवन में आगे बढऩा चाहिए।  कथा के अंत में  परीक्षित  परिवार ने श्रीमद् भागवत पुराण की आरती की आरती के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया।