एमपीएल मैच में आक्रोशित भीड़ का पथराव, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

Jun 24 2024

ग्वालियर। शंकरपुर स्थित क्रिकेट स्टेडियम में एमपीएल के फायनल मैच में फ्री फार ऑल ने स्थिति बिगाड़ दी। गत रात बड़ी संख्या शहरवासी मैच देखने पहुंचे लेकिन आयोजक इसका अंदाजा नहीं लगा पाए। भीड़ स्टेडियम के अंदर न पहुंच पाने पर अनियंत्रित हो गई। इस बीच मशहूर आईपीएस मनोज शर्मा अपनी पत्नी और दोस्त के साथ वीवीपीआई गेट पर भीड़ में फंस गए तब उन्हें सकुशल भीड़ में से निकलते हुए अंदर स्टेडियम में पहुंचाने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। 
स्टेडियम के अंदर पहुंचे दर्शकों से तीन गुना भीड़ स्टेडियम से बाहर थी, स्टेडियम की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर 5 से 10 किलोमीटर लंबा जाम लगा था। यह भीड़ स्टेडियम में प्रवेश न मिलने पर भडक़ गई। लोगों का कहना था कि स्टेडियम की अधिकांश गैलरी खाली पड़ी हैं।
इसके बाद भी गेट बंद कर दिए हैं। भीड़ में शामिल युवक स्टेडियम की दीवार फांदकर व फेसिंग तोडक़र अंदर पहुंचने लगे तब पुलिस ने उन्हें रोका। इस पर भीड़ ने पथराव कर दिया। पत्थर स्टेडियम में न पहुंचे इसलिए पुलिस ने पथराव कर रही भीड़ को खदेडऩे के लिए बल प्रयोग किया। पथराव में 10-12 युवक व पुलिस कर्मी घायल हो गए।
एसपी पैदल निकले, रुकवाए वाहन तब नियंत्रित हुआ जाम
एसपी धर्मवीर सिंह ने शाम 7 बजे शहर के सभी थानों के अतिरिक्त बल को स्टेडियम पर बुला लिया। एसपी बाहर निकले तो उनकी कार फंस गई। एसपी पैदल ही निकले। इसके बाद उन्होंने ने शहर के सभी प्रवेश रास्तों पर शहर में आने वाले भारी वाहनों को रोकने के निर्देश दिए।
बाहर अचानक हुए पथराव से स्टेडियम के आसपास खड़े करीब दो दर्जन वाहनों के कांच टूट गए और काफी नुकसान हुआ। आसपास लोगों के जूते चप्पल चारों ओर बिखरे दिखे। 
नवनिर्मित शंकरपुर स्टेडियम में एमपीएल का आयोजन किया गया, लेकिन आयोजकों की आधी अधूरी व्यवस्था ने जनता को दुखी कर दिया। गत रोज जबलपुर एवं भोपाल के बीच हुए फाइनल मैच को देखने शाम 4 बजे से ही लोगों की भीड़ पहुंच गई। मगर 8 बजे तक भी लोगों को प्रवेश नहीं मिल सका। इस संबंध में जीडीसीए के सचिव संजय आहूजा और एमपीएल के सीईओ रवि पाटनकर से बात की गई। जिसमें मालूम पड़ा कि स्टेडियम के कुल 8 गेट में से गेट नंबर 6, 7, 8 कभी खोले ही नहीं गए। केवल 3 नंबर वाला गेट ही जनता के लिए खोला गया था। बाकी सभी गेट वीआईपी और वीवीआईपी की सेवा में समर्पित कर दिए गए थे।
गत रात के मैच में करीब 20 हजार दर्शकों के होने का दावा पदाधिकारियों ने किया, जबकि स्टेडियम की छमता 30 हजार है। जिसके कारण स्टेडियम की पूरी की पूरी दर्शक दीर्घाएं ही खाली पड़ी थीं। जितने लोग स्टेडियम के अंदर नहीं पहुंच पाए उससे 3 गुना अधिक निराश लौट गए। इसी कारण लोगों का आक्रोश फूटा।
गौरतलब है कि आईपीएल की तर्ज पर 
एमपीएल 2024 के फाइनल मुकाबले में क्रिकेट प्रेमियों को आकर्षित करने के लिए सेलिब्रिटीज, चीयर गल्र्स और शानदार आतिशबाजी के साथ रंगारंग कार्यक्रम भी रखा गया। जिसके चलते क्रिकेट प्रेमी शहर से दूर नवनिर्मित शंकरपुर स्थित श्रीमंत माधवराव सिंधिया क्रिकेट स्टेडियम में बड़ी संख्या में पहुंच गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। हालांकि लाटी चार्ज पर कोई भी पुलिस का वरिष्ठ अधिकारी बोलने के लिए तैयार नहीं है। तो वही लंबे अरसे के बाद ग्वालियर में आयोजित हुए बड़े खिताबी टूर्नामेंट के दौरान लाठी चार्ज, पथराव और उसके बाद घायलों की तस्वीर ने आयोजकों की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।