भाजपा ने बलिदान दिवस के रूप में मनाई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि

Jun 23 2024

ग्वालियर। भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने बलिदान दिवस के रूप में मनाई। 
रविवार को फूलबाग स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भाजपा नेताओ एवं कार्यकर्ताओं मुखर्जी को नमन किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार के ऊर्जामंत्री प्रधुन सिंह तोमर, भाजपा जिलाध्यक्ष अभय चौधरी पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल, पूर्व जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा, वरिष्ठ ााजपा नेता रामेश्वर भदौरिया सहित भाजपा के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। 
इस मौके पर उपस्थित ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी को जनसंघ के संस्थापक के अलावा जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 का मुखर विरोधी होने के नाते भी जाना जाता है। उनकी इच्छा थी कि जम्मू-कश्मीर में भी अन्य राज्यों की तरह समान कानून रहें। कश्मीर को भी देश के हिस्से की तरह देखा जाए। 
श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नेहरू सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा था कि इस देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे। इस मौके पर उपस्थित पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक बहुआयामी व्यक्तित्व के स्वामी ही नहीं, एक महान शिक्षाविद्, देशभक्त,राजनेता थे। पं.श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश को एक सूत्र में बांधने के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया।
उन्होंने कश्मीर को भारत से अलग करने का विरोध किया था। 1953 में मुखर्जी को गैरकानूनी तौर से कश्मीर में घुसने के प्रयास के कारण 11 मई को पकड़ा गया और 23 जून 1953 को उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
भाजपा नेताओं ने डॉ. मुखर्जी के जीवन चरित्र और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण पर प्रकाश डाला। राष्ट्र सेवा के लिए उनके द्वारा स्थापित मानकों पर चलते हुए बताए गए रास्ते पर संकल्प लिया गया।