हिन्द की है आशा हिन्दी

Jun 20 2024

हिंदी प्रेमचंद निराला की लेखनी।

नई दिशा देती उनकी कहानी।
तुलसी सूर मीरा का भान,देता अनुपम हमको ज्ञान।

हिंदी हिंद की पहचान,भारत का अभिमान।
हिन्दी हिंद की शान, मां भारती की मान सम्मान।

मां शारदे की आराधना,हिन्दी हिंद की साधना।
जन जन की मीठी बोल , इससे कभी न अपने से दूर न करना।

साहित्य की साधना  है,कवियों का गुरुर हिंदी।
किसी भाषा से इसको बेर नही, सबको अपना बना लेती है हिंदी।

नौ  रस का संजोग, छंद  प्रधान ।
कल कल बहती सरिता विश्व पटल पर उच्च स्थान।

शोभित  मस्तक में  ज्यों  बिंदी,साहित्य ही समाज दर्पण हिन्दी।
 बहती  धारा  ज्यों    कालिदीं,मानक  भाषा    शब्द   सुहाना हिन्दी।

संस्कृत के साथ लाड लड़ाती,सुंदर , सुगम , मीठी लगती हिन्दी।
अपने आप में यह निराली ,ओजस्विता का संगम हिन्दी।

आपस में मैत्री बढ़ती, लोकप्रियता ,मां शारदा की साधन हिंदी।
जन जन की वाणी,जन जन की भाषा,संजोए शाश्वत सत्य अभिलाषा हिन्दी।

सशक्त युवा पीढ़ी संस्कारित सुशिक्षित, बुद्धिमान,स्वस्थ करें निर्माण ।
भारत के  राष्ट्र का दुनियां में चलाएं विजय-रथ का परिधान।

अ' से 'अनार', 'आ' से , आम इ' से 'इमली' खट्टी, 
'ई' से 'ईख' बोलिए मीठा कभी न होगी कट्टी।
''क्ष से 'क्षत्रिय' ,'त्र" से त्रिशुल,-ज्ञ' से होता ज्ञानी,पूरी हुई वर्णमाला की कहानी।

स्वरचित /सुजाता चौधरी/इन्दौर