खूब लड़ी मर्दानी महानाट्य का मंचन हुआ

Jun 19 2024

ग्वालियर। झांसी की रानी समेत स्वतंत्रता संग्राम के अनेक क्रांतिकारियों की वीरगाथा को ध्वनि और प्रकाश पर आधारित नाटक खूब लड़ी मर्दानी महानाट्य में एक घंटे में 60 दृश्यों के माध्यम से 350 साल का इतिहास दिखाया गया। 14 लड़कियों ने रानी के जीवन के अलग-अलग किरादार निभाए। रानी झांसी की घुड़सवारी और युद्ध के दृश्यों ने नाटक को जीवंत कर दिया।
एक माह तक हर रोज की गई 6 घंटे की रिहर्सल के बाद तैयार इस महानाट्य को नाट्य निर्देशक चंद्रप्रताप ने कड़ी मेहनत के बाद दर्शकों के समक्ष उतारा। इसमें 4 साल से लेकर 30 साल तक के कलाकारों ने भागीदारी की। इसमें 10 घोड़े, 2 ऊंट के साथ रथ बग्घी और बैलगाड़ी के प्रयोग ने इस नाटक को किसी फिल्म के सेट की तरह बदल दिया।
इसमें इलेट्रॉनिक एवं मैनुअल दोनों प्रकार की आतिशबाजी का प्रयोग किया गया। इसके साथ हाइड्रोलिक मंच के अलावा 6 मंच अलग से बनाए गए, जिन पर नाटक के अलग-अलग दृश्यों का मंचन हुआ। 
नाटक में महारानी लक्ष्मीबाई के विवाह समारोह के अवसर पर एक साथ 120 कलाकारों ने नृत्य किया। 20 फीट की ऊंचाई से सूत्रधार द्वारा नाटक का संचालन अभिनव प्रयोग रहा।
नाटक में बनीं 14 लक्ष्मीबाई : मंत्रता शर्मा, आकांक्षा परमार, मनी कटारे, दीक्षा श्रीवास्तव, रुचि राजपूत, लक्ष्मी, राशि पिरोनिया, लबी पिरोनिया, रिंकी प्रजापति, एलिजा खान, वैष्णवी चौहान, नियति राजपूत, सेजल तिवारी, अंशिका लक्ष्यकर। 
इन कलाकारों ने किया अभिनय : जहांगीर व अफ जल खान- उत्तम पाठक। सूत्रधार-रविंद्र सिंह, मुकेश। मंगल पांडे-अमरनाथ। शिवाजी-मधुसूदन। अंग्रेज अफसर-जितेंद्र, सक्षम, अनिरुद्ध, जिया। संगीत-मोहसिन। नृत्य संयोजन-मोनिका श्रीवास्तव, शिखा, विवेक राजावत, माइकल। मेकअप-नारायण पिरोनिया, रचना। सेट डिजाइन-प्रवीण अग्रवाल। छायांकन राहुल राजौरिया। वेशभूषा-विनायक एवं अग्रवाल ड्रेस।