वीरांगना बलिदान मेले में मीनाक्षी ताई को वीरांगना सम्मान, शहीदों के परिजन भी हुए सम्मानित

Jun 19 2024

ग्वालियर। स्वतंत्रता समर की प्रथम वीरांगना झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की शहादत की 177वीं वर्षगांठ पर उनकी समाधि के समक्ष आयोजित 25वें बलिदान मेले के मुख्य समारोह में मातृशक्ति की राष्ट्रीय प्रमुख मीनाक्षी ताई पिशवे को वीरांगना सम्मान प्रदान किया गया। इसके साथ शहीद चंद्रशेखर आजाद के प्रमुख सहयोगी क्रांतिकारी रुद्रनारायण के वंशज और चंबल के शहीदों को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, संत उाम स्वामी एवं वीरांगना मेला के संयोजक जयभान सिंह पवैया, लाल टिपारा गौशाला के ऋषभदेवआनंद महाराज, घनश्याम पिरोनियां ने सम्मानित किया।
इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वीरांगना झांसी की रानी का बलिदान युगों तक याद किया जाएगा। बलिदान मेला समारोह में शिरकत करके मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बारिश का सीजन शुरू होने वाला है। मैं इंदौर में 51 लाख पौधे लगवा रहा हूं और ग्वालियरवासियों से आह्वान करता हूं कि आप भी कम से कम मौजूदा सीजन में 11 लाख पौधे लगाएं। इस मौके पर उन्होंने मंच से ही कलेक्टर एवं कमिश्नर को निर्देशित करते हुए कहा कि जनभागी से इस लक्ष्य को हासिल करें। उन्होंने कहा कि बारिश के सीजन में पौधरोपण अभियान को महायज्ञ के रूप में करना चाहिए, जिसमें शहर के हर व्यति को अपना योगदान देना चाहिए।
बलिदान मेला के संस्थापक अध्यक्ष पूर्व सांसद व पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा कि सन 2000 में स्थापित बलिदान मेला का यह 25वां पुष्प यानी रजत वर्ष है। हमें गर्व है कि झांसी की रानी के शौर्य को स्मरण करने के लिए लगातार हम इस मेला का आयोजन कर पा रहे हैं, जो अब ग्वालियर शहर का महोत्सव हो चुका है।
इस मौैके पर देर रात कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें  कवि हरिओम पवार ने जहां वीर रस की कविताओं से जोश भर दिया, वहीं गीतकार विष्णु सक्सेना ने अपने चिरपरिचित अंदाज में प्रेम गीतों से समां बांध दिया। विनीत चौहान के तेवर हमेशा की तरह गरजने वाले दिखे। शंभू शिखर और जॉनी बैरागी ने खास अंदाज में खूब गुदगुदाया व योगिता चौहान, अनिल अग्निवंशी, सुमित ओरछा व मोहित शौर्य ने भी काव्यपाठ किया।