शहीद 745 संतो को बड़ी शाल में दी गई पुष्पांजलि

Jun 18 2024

ग्वालियर। श्री गंगादास की बड़ी साला में भारत के पहले स्वाधीनता संग्राम के शहीद संतो की पुण्य स्मृति पुष्पांजलि सभा एवं श्रीमद भागवत कथा का संत समागम और भंडारे के साथ मंगलवार समापन हुआ।
 गंगादास की बड़ी शाला में मंगलवार को शहीद दिवस के अवसर पर काफी संख्या में संत जनो एवं महंतो का आगमन हुआ। कार्यक्रम में महन्त  स्वामी रामसेवक दास महाराज ने सभी शहीद संतो को पुष्पांजलि अर्पित की और उनके जीवन पर प्रकाश डाला। महारज ने जानकारी दी कि प्रथम स्वतंत्रता संग्राम महारानी लक्ष्मीबाई ने शुरू किया था जिसमें गंगादास की बड़ी साला के 745 अपने प्राणों का बलिदान दिया।
 संत महंतों ने मांग की है कि आजादी के 75अमृत महोत्सव में शहीदों के नाम शामिल किया जाय। मुख्यतोर पर निर्मोही अखाड़े के राष्टीय अध्यक्ष मदन मोहनदास महारज (वृन्दावन) मुख्य बक्ता के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने वहां उपस्थित जन समुदाय को बताया की उस समय अंग्रेजो से रानी  लक्ष्मीबाई के शव की रक्षा की करते हुए गंगादास की शाला के करीव 745 संतो ने अपने प्राणो की आहुति दी और महारानी लक्ष्मी बाई का अंतिम संस्कार गंगादास महाराज ने किया।
ऐसे संतो के बलिदान के इतिहास को भुलाया जा रहा है। हमें सरकार से मांग करनी चाहिए की संतो के इस बलिदान को इतिहास में जोड़ा जाय और शिक्षा पाठ्य क्रम में भी जोड़ा जाय। ताकि आने बाली पीढ़ी जान सके। आज इस इतिहास को पूरी तरह से भुलाया जा रहा पूर्व काल में यह मेला इसी स्थान के नाम से होता। लेकिन आज केवल स्वामी रामसेवक महाराज ही इस महोत्सव को मानते है अपितु हम सब को यह प्रयास करना चाहिए की संतो के इस बलिदान को इतिहास के माध्यम से सभी को जानकारी हो संतो की इस भूमि को कोटि सह प्रणाम है प्रणाम है।
इस अबसर पर कमला दास, बालक दास, भारत दास सहित हरिद्वार, कशी,  प्रयाग, उज्जैन से आए संतो एवं महंतो द्वारा सभी शहीद संतो पुष्पांजलि अर्पित की।