निर्जला एकादशी पर मंदिरों में भक्तों का मेला, दान-पुण्य किया

Jun 18 2024

ग्वालियर। शहरभर में मंगलवार को निर्जला एकादशी का पर्व श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों में भक्तगणों का आने का सिलसिला प्रारंभ हो गया जो देर रात तक अनवरत रूप से जारी रहा। 
इस अवसर पर लोगो ने मंदिरों में पूजा-अर्चना कर जहां घर-परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की वहीं अपनी सामथ्र्य अनुसार दान-पुण्य किया। मंदिरों पर भी भक्तगणों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने व्यापक प्रबंध किए जिसके कारण भक्तगणों ने सुविधाजनक तरीके से दर्शन कर पूजा-अर्चना की। 
साल भर में पडऩे वाली एकादशी में यह एकादशी सबसे कठिन एकादशी है और इस एकादशी पर महिलाएं व पुरुष बिना पानी पिए निर्जला रहते हैं। तथा भक्तिभाव के साथ व्रत पूर्ण होने के बाद ही कुछ खाते हैं। इस एकादशी का पुण्य लाभ सालभर की एकादशी के बराबर मिलता है इस कारण इस एकादशी पर महिलाओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में पुरुष भी इस व्रत को रखते हैं।
राम मंदिर में रही भक्तों की भीड़
निर्जला एकादशी के अवसर पर शहर के मध्य स्थित राम मंदिर पर विशेष आयोजन किए गए। सोमवार की शाम से यहां भक्तों का आने का सिलसिला प्रारंभ हो गया जो मंगलवार रात तक अनवरत रूप से जारी रहा। इस अवसर पर भक्तगणों ने मर्यादा पुरुषोाम भगवार श्रीराम की मनोहारी झांकी और उनके श्रंगार के दर्शन किए तथा घर-परिवार की सुख- समृद्धि की कामना की।
संकटमोचक को भक्तों ने लगाया छप्पन भोग
ज्येष्ठ मास के आखिरी मंगलवार को शहर भर के संकटमोचक के दरबारों में बड़ी संख्या में भक्तगणों में मंदिरों में पहुंचकर संकटमोचक हनुमान जी की पूजा-अर्चना की और घर-परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर शहर के प्रसिद्ध खेड़ापति हनुमान मंदिर पर संकटमोचक को छप्पन भोग लगाए गए। सुबह से ही मंदिर पर बड़ी संख्या में भक्तों ने पहुंचकर संकटमोचक हनुमान जी की पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। 
ज्येष्ठ मास के मंगलवार बड़े मंगलवार माने जाते हैं और श्रद्धालुगण संकटमोचक हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए बड़ी संख्या में दरबारों पर पहुंचते हैं। चूंकि ज्येष्ठ मास का यह आखिरी मंगलवार है इस कारण शहर भर के हनुमान मंदिरों पर भक्तों का जमावड़ा लगा रहा।
निर्जला एकादशी के अवसर पर कई स्थानों पर भक्तगणों ने भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए मीठे शरबत के स्टॉल लगाए और भक्तों को शरबत वितरित किया।