किसान ने लायसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारी, मौत

Jun 17 2024

ग्वालियर। बेटे को शिक्षित कराने की दृष्टि से शहर में पत्नी के साथ किराए से रह रहे एक किसान ने कतिपय कारणों के चलते सोमवार की सुबह 10 बजे खुद की लायसेंसी 315 बोर की लायसेंसी बंदूक से गोली मार ली। गोली लगने उनकी मौके पर ही मौत हो गयी। युवक द्वारा स्वयं को गोली मार लेने की खबर मिलते ही एएसपी अखिलेश रैनवाल, बहोड़ापुर थाना पुलिस और फोरेंसिक एसपर्ट की टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बृजेन्द्र सिंह राजपूत पुत्र रामस्वरूप सिंह राजपूत उम्र 44 वर्ष मूल रूप से सालौन भिटारी, भांडेर के निवासी थे। यहां 13/17 सूर्य नगर थाना बहोड़ापुर में सागर के मकान में सात वर्ष से किराए से पत्नी और बेटे सौरभ 17 वर्ष के साथ निवास कर रहे थे। 
सौरभ की पढ़ाई के लिए ही उनके द्वारा किराये का मकान लिया गया था। सोमवार को सुबह अचानक गोली चलने की आवाज सुन कर पत्नी और पुत्र उनके कमरे में पहुंचे तो वह खून से लथपथ पड़े थे। यह देखकर परिजनों के होश उड़ गए। गोली चलने की आवाज सुनकर क्षेत्र में हडक़ंप मच गया। दरवाजे पर लहूलुहान में शव देख परिजनों में कोहराम मच गया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव के पास पड़ी लाइसेंसी बंदूक को कब्जे में लेकर उसकी जांच की तो रायफल की मैगजीन में चार से पांच कारतूस लगे हुए थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर परिजनों से पूछताछ शुरू कर दी है। 
बताया गया है कि रायफल से निकली गोली बृजेंद्र की ठोड़ी को भेदती हुई निकली है। हालांकि घटना का कोई भी प्रत्यक्षदर्शी नहीं है, लेकिन मौके को देखकर पुलिस का मानना है कि उसने रायफल की नाल पर ठोड़ी टिकाकर पैर से ट्रिगर दबाया होगा।
पेशे से किसान बृजेन्द्र सिंह साधन सपन्न परिवार से थे। उनके पिता रामस्वरूप सिंह राजपूत शिक्षक थे और अब सेवानिवृत्त हो गये हैं। जबकि उनके बड़े भाई बलभद्र सिंह राजपूत धौलपुर राजस्थान में पॉलीटेनिक में ज्वांइट डायरेक्टर के पद पर पदस्थ है। 
भाई के द्वारा गोली मारकर आत्महत्या करने की खबर लगते ही सालौन में रह रहे उनके पिता और धोलपुर से बडे भाई घटना स्थल पर पहुंच गये। गोली सिर से बंदूक सटाकर कर मारने के कारण मृतक का भेजा उड़ गया। परिजन उन्हें लेकर तत्काल हॉस्पीटल पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया। बहोडापुर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। 
मृतक ब्रजेन्द्र राजपूत दो दिन पूर्व ही 15 जून को अपनी लायसेंसी बंदूक बहोड़ापुर थाने से उठाकर लाया था। चुनाव के चलते आचार संहिता लगी थी तथा बंदूक थाने में जमा थी। 
मृतक बृजेन्द्र का सूर्यनगर में सात वर्ष से किराए का निवास था। पुत्र सौरभ की शिक्षा के कारण उन्होंने अपना स्थायी निवास यहीं बना लिया था। इतने सालों में क्षेत्र में भी उनकी पैठ गन गई थी। आसपास के लोगों ने बताया कि मृतक का अच्छा व्यवहार था। मदद करने के लिए भी वह तत्पर रहता था। इसके अलावा मृतक कांग्रेस पार्टी की विचारधारा से प्रभावित था। व राजनीति में भी खासा दखल रखता था। 
किसान बृजेन्द्र के परिवार में लगभग अच्छी खासी जमीन है। सौरभ घर का इकलौता बेटा था। घटना के बाद से घर में मातम छाया हुआ है। पोस्टमार्टम हाउस में पहुंचे उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक के पिता रामस्वरूप इस घटना के बाद से ही सदमे में है।
पुलिस को घटनास्थल की पड़ताल में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे फिलहाल किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। कुछ स्थानीय लोग घटना के पीछे की वजह गृह क्लेश को बता रहे हैं। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी हुई है।
दस दिन बाद लायसेंसी बंदूक से जान लेने का दूसरा मामला
इससे पूर्व 8 जून को भाजपा विधायक मोहन सिंह राठौड़ के 75 वर्षीय चचेरे भाई अशोक सिंह राठौड़ ने अपने घर पर लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली थी। हालांकि सुासइड के पीछे कोई ठोस वजह तो सामने नहीं आई। लेकिन परिवार के लोगों ने यह आशंका जताई थी कि वह बीमारी से परेशान हैं। दस दिन बाद सूर्य नगर में फिर से लायसेंसी राइफल से स्वयं की जान लेने की दूसरी घटना गठित हो गई।