कलश यात्रा के साथ बीएसएफ कॉलोनी में श्रीमद् भागवत कथा आरंभ

Jun 09 2024

ग्वालियर। बीएसएफ कॉलोनी में रविवार को सुबह श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ से पूर्व कलश यात्रा निकल गई। जिसमें 108 विदुषी महिलाएं पीले वस्त्र धारण कर सिर पर कलश लेकर चली। कलश यात्रा कथा स्थल नर्मदेश्वर महादेव मंदिर से कलश पूजन के पश्चात आरंभ हुई जिसमें कथा व्यास पं आचार्य संतोष कंकोरिया बग्घी पर सवार होकर निकले। कलश यात्रा कॉलोनी की जिन गलियों से निकली कॉलोनी के वाशिंदे उसकी मनोहारी छवि को देखने के लिए घरों से बाहर निकल आए। किसी ने शर्बत तो किसी ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। 
दोपहर दो बजे से प्रथम दिवस की कथा में धुंधकारी की कथा का श्रवण कराते हुए पं संतोष कांकोरिया ने कहा कि वह पिता भाग्यशाली होता है जिसका पुत्र समझदार हो। बालक यदि योग्य है तो उसे सीख लेने में कोई बुराई नहीं है। यदि कोई बात हमें समझ नहीं आ रही है और बालक उसे अच्छे से समझ पा रहा है तो हमें बेहिचक होकर पुत्र के ज्ञान का लाभ लेना चाहिए। गुरु के बारे में उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ गुरु वह होता है जो अपने शिष्य को सदा अपने से पराजित होने की आकांक्षा रखता है जबकि श्रेष्ठ पिता वह होता है जो अपने पुत्र को खुद से कई गुना आगे बढ़ता हुआ देखना चाहता है। पिता की पहचान यदि पुत्र की कीर्ति की वजह से होती है तो पिता मन ही ही मन खुश होता है। इसलिए कहा गया है सिर्फ संतान होना पर्याप्त नहीं है बल्कि योग्य  संतान होना जरूरी है तभी माता-पिता का जीवन धन्य होता है। 
इस अवसर पर घनश्याम सिंह कुशवाह, हरिवंश सिंह, रामजीलाल शर्मा, गीता शर्मा, अजय शर्मा, रामवीर तोमर, उमेश शर्मा, ऋषीश्वर सहित सभी बीएसएफ कॉलोनी के सैकड़ो वाशिंदे मौजूद रहे।