हुतात्मा संतों की स्मृति में गंगादास की बड़ी शाला में श्रीमद्भागवत ज्ञानयज्ञ 10 से

Jun 06 2024

ग्वालियर। देश के प्रमुख ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक स्थल सिद्धपीठ श्री गंगादास की बड़ी शाला में इस वर्ष भी संगीत संस्था रागायन के तत्वावधान में 1857 के स्वाधीनता संग्राम में अपना बलिदान देने वाले हुतात्मा संतों की स्मृति एवं ग्वालियर घराने के मूर्घन्य गायनाचार्य पंडित सीताराम शरण दास महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर 10 जून सोमवार को संगीत समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसी के साथ 11 जून से श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का भी आयोजन किया जा रहा है।
सिद्धपीठ गंगादास की बड़ी शाला के महंत पूरण बैराठी पीठाधीश्वर स्वामी रामसेवकदास महाराज ने आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि सिद्धपीठ गंगादास की बड़ी शाला देश का प्रमुख ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल है। यह रामानंदी संप्रदाय के 52 द्वारों में से एक है। अकबर को दीन ए इलाही धर्म चलाने की प्रेरणा यहां के पहले महंत स्वामी परमानंद महाराज से मिली, जो परम योगी थे। 
यह संतों की बलिदान स्थली है। 1857 के स्वतंत्रता समर में जब झांसी की रानी लक्ष्मीबाई वीरगति को प्राप्त हुईं तब यहां के पीठाधीश्वर महंत गंगादास महाराज थे। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई की पार्थिव देह की अंग्रेजी फौज से न केवल रक्षा की, बल्कि उनका अंतिम संस्कार भी किया। इस बीच शाला के 745 संतों ने अंग्रेजों से लड़ते हुए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया।
जहां तक रागायन की बात है तो यह सांगीतिक संस्था है, जो सालों पूर्व अस्तिव में आई, लेकिन वर्ष 2000 में पंजीकृत हुई। स्वर्गीय पं. सीताराम शरणदास महाराज ने इसकी स्थापना की थी, जो ग्वालियर घराने के मूर्घन्य गायनाचार्य थे।
रागायन परिवार अपने गुरुवर्य पं. सीतारामशरण की पुण्यतिथि एवं संतों की याद में इस वर्ष संगीत समारोह 10 जून सोमवार को आयोजित किया जा रहा है। लक्ष्मीबाई कॉलोनी पड़ाव स्थित शाला परिसर में शाम 6 बजे से होने जा रहे इस समारोह में देश के जाने-माने संगीत साधक शिरकत करने आ रहे हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंध संस्थान के डायरेक्टर आलोक शर्मा होंगे जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सहायक आबकारी आयुक्त संदीप शर्मा उपस्थित रहेंगे। अध्यक्षता शाला के महंत स्वामी रामसेवकदास करेंगे।
 कार्यक्रम के दूसरे चरण में हुतात्मा संतों की पावन स्मृति में 11 से 17 जून तक श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। संतों के मोक्ष के लिए हर वर्ष यह कथा की जाती है। कथा व्यास मदन मोहनदास महाराज, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय निर्मोही अखाड़ा धीर-समीर वंशीवट श्रीधाम वृंदावन होंगे। भागवत कथा से पूर्व भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। कथा रोजाना शाम 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक चलेगी। 18 जून को प्रात 9 बजे शाला परिसर में हुतात्मा संतों व रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी, जिसमें देशभर के संत उपस्थित रहेंगे।
पं. पीएल गोहदकर को दिया जाएगा सम्मान
कार्यक्रम में इस वर्ष का गायनाचार्य पं. सीतारामशरण स्मृति सम्मान ग्वालियर घराने के जाने-माने गायक, संगीत के विद्वान शिखर सम्मान से विभूषित पं. पीएल. गोहदकर को प्रदान किया जाएगा।