विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी मध्य प्रांत की दो दिवसीय यूथ कान्फ्रेंस का समापन

Jun 03 2024

ग्वालियर। विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी मध्य प्रांत की दो दिवसीय यूथ कान्फ्रेंस का समापन हुआ। समापन से पूर्व विभिन्न सत्रों के माध्यम से संवाद कार्यक्रम हुए। इस दौरान वक्ताओं द्वारा युवाओं को समाज कार्य में भागीदारी बढ़ाने, देशहित में काम करने के लिए प्रेरित किया गया। युवाओं को महापुरुषों और समाज के आदर्श व्यक्तियों से प्रेरणा लेने की भी बात कही गई। यूथ कान्फ्रेंस में सम्मिलित हुए छात्रों ने वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता, ग्राम विकास जैसी गतिविधियों को करने का संकल्प लिया। 
परिचर्चाओं में सुनील ओल्याई, लोकेन्द्र पाराशर, नितिन त्रिपाठी, रूपेश मित्तल, पल्लवी राय, सुश्री रचना जानी ने युवाओं से संवाद किए। कान्फ्रेंस में भोपाल अमिताभ श्रीवास्तव, डॉ यतेन्द्र सिंह, मनोज चक्रवैश्य, जर्नादन त्यागी, सुश्री कोमल जैसवाल, सुश्री माया पराडक़र, अजय सिरोठिया, डॉ सतेंद्र परमार, राहुल कुशवाह, ग्वालियर, भोपाल, इंदौर और जबलपुर विभाग से आए हुए महाविद्यालयीन छात्रों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया।  
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में वक्ता के रूप में उपस्थित पत्रकार नितिन त्रिपाठी ने कहा कि आज देश को सबसे अधिक उम्मीद युवाओं से ही है। युवाओं में उमंग, उत्साह और जज्बा होता है। युवा आगे बढ़ते हैं तो देश आगे बढ़ता है। पत्रकारिता के संबंध में छात्रों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब देते हुए श्री त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकारिता में राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए। कोई समाचार समाज के लिए कितना महत्वपूर्ण है उसे परखने के बाद ही उसे हम प्रकाशित करते हैं। 
सुनील ओल्याई ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वालों की सभी को मदद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार राम सेतु के निर्माण के समय एक गिलहरी ने अपना योगदान दिया था, ठीक उसी प्रकार आपको भी कहीं अवसर मिले तो सहयोग अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा हमारे जीवन में शिक्षा का बहुत महत्व है। किसी भी माध्यम से आपको शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिले तो वह अवश्य करना चाहिए। 
पल्लवी राय ने कहा कि हमें प्रत्येक काम को जागरुकता के साथ काम करना चाहिए। अपने ज्ञान का स्तर बढ़ाएं और आगे बढ़ें। अनुभवों के आधार पर जीवन की दिशा तय करें। 
रूपेश मित्तल ने कहा कि जो हम समाज को देते हैं वहीं वापस आता है। किसी भी काम को करने के लिए जज्बा होना बहुत जरूरी है। बिना जज्बे के कोई काम नहीं होता है। उन्होंने युवाओं को अपना सामाजिक संपर्क बढ़ाने की सलाह दी।