शक में की थी ऑटो चालक की हत्या, दोनों आरोपी पकड़े

Jun 01 2024

ग्वालियर। ऑटो चालक मोंटू सविता के अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए पुलिस ने हत्या के दोनों आरोपियों को पकड़ लिया है। पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी किसी बेकरी के लिए ऑटो चलाता था, लेकिन उसे नौकरी से निकाल दिया गया। उसे शक था कि मोंटू ने ही उसे नौकरी से निकलवाया है और इसी शक में उसने अपने साथी के मिलकर उसे ठिकाने लगा दिया।
गिरवाई थाने में दर्ज गुमशुदा ऑटो चालक मोंटू सविता का शव मिलने के बाद पुलिस ने अंधे हत्याकांड का खुलासा करते हुए हत्याकांड के दोनों आरोपियों को पकड़ लिया है। 
पुलिस के मुताबिक पनिहार इलाके में नया गांव से बनवार की ओर जाने वाली रोड पर जंगली क्षेत्र में मिली ऑटो चालक की लाश को उठाकर जब पुलिस ने गुमशुदा की कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर दो संदेहियों अमन कुशवाह और ओमप्रकाश कुशवाह उर्फ ओमी को उठाया तो पहले तो दोनों पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। 
लेकिन जब पूछताछ गहनता से की गई तो सामने आया कि आरोपी ओमप्रकाश उर्फ ओमी कुशवाह किसी बेकरी ऑनर की ऑटो चलाता था। बेकरी ऑनर ने किसी कारण उसे नौकरी से निकाल दिया था। 
इस पर उसे शंका थी कि उसे नौकरी से निकलवाने में मृतक मोंटू का ही हाथ रहा है। इसी शंका में वह अपने साथी अमन कुशवाह के साथ मिलकर ऑटो चालक मोंटू सविता को बीरपुर बांध पार पर शराब पार्टी करने ले गया और जब उसे नशा हो गया तो चाकू से पीठ और गले में हमला कर उसकी हत्या कर दी। 
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि हत्या करने के बाद दोनों उसके शव को उसी की ऑटो से जंगल के रास्ते ले गए और पनिहार इलाके के जंगल में जाकर फेंक दिया। इसके बाद पुलिस को भ्रमित करने के लिए आरोपी मृतक की ऑटो बनवार से चीनोर व छीमक होते हुए कल्याणी तिराहे के पास ले गए और यहां रोड किनारे छोडक़र भाग गए। पुलिस को शंका न हो इसलिए आरोपी मृतक के परिजनों के साथ उसकी तलाश में भी जुटे रहे।
बीती 28 मई को भूरा सविता ने गिरवाई थाना पहुंचकर पुलिस को बताया था कि उसका पुत्र मोंटू सविता उम्र 21 वर्ष ऑटो चलाता है और विगत 27 मई से लापता है। उसकी ऑटो क्रमांक एमपी07 जेडई 9242 कल्याणी तिराहे के पास रोड किनारे खंती में खड़ी मिली है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच पड़ताल की तो ऑटो में खून के निशान मिले। पुलिस पड़ताल में जुटी ही थी कि गत गुरुवार को उसका शव पनिहार इलाके में सडक़ किनारे पड़ा मिल गया।
एसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि ऑटो चालक की हत्या में उसके ही दो दोस्तों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी कभी उसके साथ काम करते थे, लेकिन उसके चुगली करने पर उनको काम से निकाल दिया गया था। इसी पर उन्होंने दुश्मनी ठानी और हत्या कर दी।